संस्कृत प्रश्नोत्तरी - 100 सवालों के जवाब सहित


संस्कृत प्रश्नोत्तरी सवालों के जवाब के अंतर्गत हम यहां संस्कृत सामान्य ज्ञान, संस्कृत व्याकरण, संस्कृत साहित्य के 100 अति महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर दे रहे है। यह सभी प्रश्न TGT, PGT, UGC-NET/JRF, C-TET, UP-TET, DSSSB, GIC and Degree College Lecturer, M.A., B.Ed. and Ph.D प्रवेश परीक्षाओं के साथ ही अन्य सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लाभकारी सिद्ध होगें।


1. ‘श्रेयसि केन तृप्यते’- सूक्ति ग्रहण की गयी है–
(A) शिशुपालवध से (B) किरातार्जुनीय से
(C) अभिज्ञानशाकुन्तलम् से (D) मृच्छकटिक से
उत्तर : (A)

2. ‘खण्ड काव्य’ कहा जाता है जो–
(A) काव्य के एक देश का अनुसरण करता है (B) खण्डों में विभक्त हो
(C) खण्डिता नायिका के चरित पर आधारित हो (D) महाकाव्य के कुछ सर्गों का निबद्धीकरण हो
उत्तर : (A)

3. सांख्यदर्शन में मंहदादि प्रकृति के विचार कहे गये हैं–
(A) द्वादश (B) त्रयोदश
(C) षोडश (D) एकाविंशति
उत्तर : (C)

4. ‘अन्तवन्त इमे देहाः’ का तात्पर्य है कि–
(A) ये शरीर नाशवान है (B) आत्मा अजर-अमर है
(C) आत्मा नश्वर है (D) शरीर का अन्त हो चुका है
उत्तर : (A)

5. ‘धिया निवद्धेयमतिद्वयी कथा’ के अन्तर्गत ‘अतिद्वयी’ कथा से दो किन कथाओं का उल्लेख है–
(A) कादम्बरी तथा हर्षचरितम् (B) बृहत्कथा तथा वासवदत्ता
(C) पद्मिनी तथा रयीशः (D) तिलकमंजरी तथा अवन्तिसुन्दरी
उत्तर : (B)

6. ‘नासतो विद्यते भावो नाभावो विद्यते सतः’ पंक्ति ली गयी है
(A) तर्क भाषा से (B) वेदान्तसार से
(C) श्रीमदगवद् गीता से (D) सांख्यकारिका से
उत्तर : (C)

7.  ‘मृच्छकटिकम्’ का शाब्दिक अर्थ है–
(A) मिट्टी की गाडी (B) मिट्टी का घोड़ा
(C) मृत गन्त्री (D) कठिन प्रयास
उत्तर : (A)

8. वह् धातु से तुमुत्प्रत्यय लगने पर रूप होगा–
(A) बहितुम् (B) बहेतुम्
(C) वोढितुं (D) वोढु
उत्तर : (D)

9. गौणीलक्षणा का ज्ञान होता है–
(A) सम्वाय से (B) सादृश्य से
(C) संयोग से (D) अर्थापत्ति से
उत्तर : (B)

10. ‘परस्य हृदये लग्नं न घूर्णयति यंच्छिरः’ पंक्ति ग्रहण की गयी है–
(A) अभिज्ञान शाकुन्तलम् से (B) मृच्छकटिकम् से
(C) कादम्बरी से (D) नलचम्पू से
उत्तर : (D)

11. ‘ग्रामं गच्छत् तृणं स्पृशतिः’ में ‘तृण’ द्वितीया विभक्ति होती है–
(A) ‘कर्मणि द्वितीया’ से (B) ‘अकथित च’ से
(C) ‘तथायुक्तं चानीप्सितम्’ से (D) ‘अभिनिविशश्र्च’ से
उत्तर : (C)

12. वेदान्तसार के रचयिता हैं–
(A) सदानन्द (B) परिब्राजक
(C) बादरायण (D) विधारण्य
उत्तर : (D)

13. ‘मित्रावरुणी’ में समास होता है–
(A) ‘इद्दद्धौ’ सूत्र से  (B) ईदग्ने सोमवरुण्यो’ सूत्र से
(C) ‘अग्नेः स्तुत्स्तोमसोमाः’ सूत्र से (D) ‘देवता द्वन्द्वेच’ सूत्र से
उत्तर : (D)

14. आचार्य भरतमुनि के अनुसार नाटक में गीत का उद्भव हुआ है–
(A) ऋग्वेद से (B) संगीत से
(C) गान्धर्व वेद से (D) साम वेद से
उत्तर : (D)

15. ‘साधर्म्यमुपमा भेदे’ में उपमा का लक्षण लिखा है–
(A) आचार्य विश्वनाथ ने (B) आचार्य मम्मट ने
(C) जयदेव ने (D) पण्डितराज जगन्नाथ ने
उत्तर : (B)

16. रस सिद्धान्त के प्रसंग में चित्रतुरगादिन्यास का समुल्लेख किया है–
(A) शंकुक ने (B) भट्टनायक ने
(C) भट्टलोल्लट ने (D) नान्यदेव ने
उत्तर : (A)

17. ‘नीलोत्पलम्’ शब्द में समास है–
(A) द्वन्द्व (B) अव्ययीभाव
(C) कर्मधारय (D) बहुब्रीहि
उत्तर : (C)

18. गीता में मूल प्रकृति के प्रकार हैं–
(A) आठ (B) दो
(C) पाँच (D) दश
उत्तर : (A)

19. ‘नक्तन्दिवम्’ में समास होगा–
(A) कर्मधारय (B) अव्ययीभाव
(C) द्वन्द्व (D) तत्पुरुष
उत्तर : (C)

20. ‘कृ’ धातु से स्त्रीलिंग में शतृ प्रत्यय लगाने पर रूप बनेगा–
(A) कूर्वर्ती (B) कुर्वन्ती
(C) कुर्वती (D) कुर्वन्ता
उत्तर : (C)

21. ‘चारुदत्त’ नायक है–
(A) ‘शिशुपालबधम्’ में (B) ‘रघुवंशम्’ में
(C) ‘मृच्छकटिकम्’ में (D) ‘कादम्बरी’ में
उत्तर : (C)

22. यदि उपमेय की उपमान के साथ सम्भावना व्यक्त की जाय तो अलंकार होता है–
(A) उत्प्रेक्षा  (B) रुपक
(C) उपमेयोपमा (D) सन्देह
उत्तर : (D)

23. ‘जनान्तिक’ में एक मुद्रा का प्रकाशन होता है उसे कहते हैं–
(A) चिन्मुद्रा (B) अंगुष्ठानामिके
(C) मत्तवारणी (D) त्रिपताकाकर
उत्तर : (D)

24. मम्मट ने विप्रलम्भ श्रृंगार के भेद स्वीकार किये हैं–
(A) चार (B) पाँच
(C) सात (D) दश
उत्तर : (B)

25. ‘भाषा विज्ञान के अनुसार स्वर के उच्चारण से सम्बद्ध चार प्रकारों में कौन-सा प्रकार नहीं है–
(A) पार्श्विक (B) नासिक्यरंजन
(C) प्रतिवेष्टन (D) तनन
उत्तर : (A)

26. ‘तथा रामायणादीनां’ भविता दुःखहेतुता’ पंक्ति ग्रहण की गयी है–
(A) काव्यप्रकाश से (B) साहित्य दर्पण से
(C) नाट्य शास्त्र से (D) वेदान्त सार से
उत्तर : (B)

27. ‘योगः कर्मसु कौशलम्’ योग् का लक्षण है–
(A)  योग सूत्र में (B) हठयोगप्रदीपिका में
(C) श्रीमद्भागवद् गीता में (D) सांख्यतत्त्वकौमुदी में
उत्तर : (C)

28. यथार्थ अनुभव को न्याय की शब्दावली में कहा गया है–
(A) प्रमाण (B) आदर्श
(C) प्रमा (D) करण
उत्तर : (D)

29. ‘किमिव मधुराणां मण्डनं नाड्डतीनाम्’ पंक्ति ग्रहण की गयी है–
(A) ‘कादम्बरी’ से’ (B) ‘अभिज्ञान शाकुन्तलम्’ से
(C) शिशुपालवधम् में (D) ‘मृच्छकटिकम्’ से
उत्तर : (B)

30. आचार्य मम्मट ने शान्तरस का स्थायी भाव स्वीकार किया है–
(A) शम को (B) निर्वेद को
(C) शान्ति को (D) दैन्य को
उत्तर : (B)

31. ‘तत्वमसि’ वाक्य के अर्थबोध हेतु स्वीकार की जाती है–
(A) जहल्लक्षणा (B) अजहल्लक्षणा
(C) भागलक्षणा (D) व्यन्जना
उत्तर : (C)

32. ‘अनुविष्णु’ समस्त पद का विग्रह होगा–
(A) अनुविष्णोः (B) विष्णोः पश्चात्
(C) अनुगर्ता विष्णुम् (D) विष्णोरतुयायी
उत्तर : (A)

33. बाणभट्ट ने अपनी कादम्बरी का लेखन किया है–
(A) पांचाली रीति में (B) वैदर्भी रीति में
(C) गौड़ी रति में (D) लाटी रीति में
उत्तर : (D)

34. संकेतित अर्थ का देने वाला शब्द कहलाता है–
(A) वाचक (B) लक्षक
(C) व्यंजक (D) गौण
उत्तर : (A)

35. ‘किमिव हि दुष्करमकरुणानाम्’ सूक्ति ग्रहण की गयी है–
(A) नलचम्पू से (B) शिशुपालवध से
(C) अभिज्ञान शाकुन्तलम् से (D) कादम्बरी से
उत्तर : (D)

36. ‘प’ तथा ‘फ’ को कहा जाता है–
(A) प् तथा फ् (B) जिह्नमूलीय
(C) उपध्मानीय (D) यम्वर्ण
उत्तर : (C)

37. ‘नलचम्पू’ विभक्त किया गया है–
(A) अध्यायों में (B) अंकों में
(C) उच्छवासों में (D) सर्गों में
उत्तर : (C)

38. ‘शुष + क्त’ प्रत्यय के योग से शब्द बनेगा–
(A) शुष्कः (B) शुष्थः
(C) शुष्तः (D) शुष्वः
उत्तर : (D)

39. भाषा विज्ञान के अनुसार व्यंजनों के मूल चार प्रकारों में कौन-सा प्रकार नहीं आता है ?
(A) स्पर्शी (B) संघर्षी
(C) निःश्वासी (D) कम्पन युक्त
उत्तर : (C)

40. तर्कभाषा में शब्दप्रमाण का लक्षण है–
(A) आप्तवाक्यं शब्दः (B) वेदोक्तं वाक्यं शब्दः
(C) शास्त्रोक्तं शब्दः (D) लोकवाक्यं शब्दः
उत्तर : (A)

41. नाटक में ‘स्वगतम्’ का अर्थ है–
(A) अश्राव्य (B) सर्वश्राव्य
(C) स्वागतयोग्य (D) स्वयं गया हुआ
उत्तर : (A)

42. गोविन्द ठक्कुर हैं–
(A) एकावली के रचनाकार (B) महाकवि
(C) काव्यप्रकाश के टीकाकार (D) श्रीकण्ठविजय के रचयिता
उत्तर : (C)

43. सांख्य दर्शन में रजोगुण होता है–
(A) स्थिर (B) उपष्टम्भक तथा चल
(C) अनुष्टम्भक तथा अचल (D) लघु तथा प्रकाशक
उत्तर : (B)

44. अपादान कारक में विभक्ति होती है–
(A) चतुर्थी (B) पंचमी
(C) सप्तमी (D) तृतीया
उत्तर : (B)

45. ‘नलचम्पू’ के रचयिता हैं–
(A) श्री हर्ष (B) माघ
(C) त्रिविक्रम भट्ट (D) विल्हण
उत्तर : (C)

46. साहित्यदर्पण के रचयिता हैं–
(A) आचार्य विश्वनाथ (B) विद्यानाथ
(C) सागरनान्दि (D) शिंड्गभूपाल
उत्तर : (A)

47. बाणभट्ट का समय स्वीकार किया जाता है–
(A) 202 ई. पू. लगभग (B) 303 ई. पू. लगभग
(C) 606 ई. पू. लगभग (D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर : (C)

48. अशुद्ध वाक्य बतलाइये–
(A) रमेशःपठितवात्। (B) राधा अहं च पठावः।
(C) रामश्र्चअहंय त्वंच पठसि (D) मीना नृत्यंचकार।
उत्तर : (C)

49. अधोलिखित में से लक्षणा के लिए कौन-सा हेतु अपेक्षित नहीं है ?
(A) मुख्यार्थ वाध (B) समवायसम्बन्ध
(C) रुढि (D) प्रयोजन
उत्तर : (B)

50. न्यास दर्शन के अनुसार लिंगत्व का लक्षण है–
(A) उपाधित्वं लिंगत्वम्  (B) अव्याप्तिबनार्थगमकं लिंगम्
(C) व्याप्तिबलेनाऽर्थगमकत्वं लिंगत्वम् (D) धूमाग्नोः स्वाभाविकं सम्बन्धं लिंगम्
उत्तर : (C)

51. नाटक के मंगलाचरण को कहा जाता है–
(A) मंगलाशासन (B) नन्दिताकरण
(C) नान्दी (D) वेदस्तवत
उत्तर : (C)

52. दा + यत्प्रत्यय के संयोग से शब्द निर्मित होगा–
(A) दायः (B) दायम्
(C) दानम (D) दत्तवाः
उत्तर : (B)

53. भाषा विज्ञान के अन्तर्गत अध्ययन के क्षेत्र नहीं है–
(A) अर्थ परिवर्तन (B) ध्वनि परिवर्तन
(C) काव्य ध्वनि निरुपण (D) पद विज्ञान
उत्तर : (C)

54.  ‘वासवदत्ता’ के रचयिता हैं–
(A) वासवकवि (B) सुबन्धु कवि
(C) दण्डी (D) बाणभट्ट
उत्तर : (B)

55. ‘हितं मनोहारि च दुर्लभं वचः’ सूक्ति ग्रहण की गयी है–
(A) ‘नीतिशतकम्’ से (B) ‘किरातार्जुनीयम् से
(C) ‘उत्तर रामचरितम्’ से (D) ‘कुमार सम्भवम्’ से
उत्तर : (B)

56. ‘पितरौ’ समस्त पद का विग्रह होगा–
(A) माता च पिता च (B) पिता च पिता च
(C) मात् च पितृ च (D) माता च माता च
उत्तर : (A)

57. महाकवि बाणभट्ट के गुरु का नाम था–
(A) भत्सु (B) मौखरि
(C) सदानन्द (D) वात्स्यायन
उत्तर : (A)

58. अनुबन्धचतुष्टय में क्या नहीं आता है–
(A) विषय (B) सम्बन्ध
(C) प्रयोजन (D) पूर्वपक्ष
उत्तर : (D)

59. ‘हु’ धातु से लोट्लकार प्रथम पुरुष एकवचन में रूप बनता है–
(A) हेर्धि (B) जुहाव
(C) हूयात् (D) जुहोतु
उत्तर : (D)

60. तर्क भाषा के रचयिता का नाम है–
(A) अक्षपादगौतम (B) वात्स्यायन
(C) वाचस्पति मिश्र (D) केशव मिश्र
उत्तर : (D)

61. ‘विन्ध्याटवी’ का वर्णन प्राप्त होता है–
(A) नलचम्पू में (B) कादम्बरी-कथामुखम में
(C) मृच्छकटिकम् में (D) हर्षचरितम् में
उत्तर : (B)

62. वेदान्तदर्शन में असर्पभूत रज्जु में सर्प के आरोप को कहा जाता है–
(A) भ्रम (B) अध्यारोप
(C) मायाजन्य (D) आभास
उत्तर : (B)

63. रस सिद्धान्त के अन्तर्गत साधारणीकरण व्यापार का सर्वप्रथम उल्लेख किया है–
(A) अभिनवगुप्त ने (B) भट्टनायक ने
(C) भट्टोद्भद ने (D) श्रीशंकुक ने
उत्तर : (B)

64. ‘ध्वतिर्बुधैः कथितः’ इस काव्यप्रकाश की पंक्ति में बुधैः का अर्थ है–
(A) काव्य शास्त्रिभिः (B) नैयायिकैः
(C) वेदान्तिभिः (D) वैयाकरणैः
उत्तर : (A)

65. किसी भाषा के लिखने में प्रयुक्त होने वाले चिह्न क्या कहलाते हैं?
(A) वर्ण (B) लिपि
(C) व्याकरण (D) अक्षर
उत्तर : (B)

66. ‘प्रत्यक्षर श्लेषघना कथा’ कही जाती है–
(A) अवन्तिसुन्दरी कथा (B) कादम्बरी कथा
(C) वासवदत्ता कथा (D) शिवराज विजयम्
उत्तर : (C)

67. ‘वेश्याः श्मशानसुमना इद वर्जनीयाः’ पंक्ति ग्रहण की गयी है–
(A) ‘मृच्छकटिकम्’ से (B) नलचम्पू से
(C) ‘शिशुपालवधम्’ से (D) ‘उत्तररामचरितम्’ से
उत्तर : (A)

68. अज्ञान की दो शक्तियाँ वेदान्त में कही गयी हैं–
(A) आवरण तथा विक्षेप (B) माया तथा अविधा
(C) इन्द्रिय तथा शरीर (D) जड़ तथा चेतन
उत्तर : (A)

69. रामायण कथानक के प्रसंग में सुग्रीवदि का वृत्तान्त कहा जाता है–
(A) प्रकरी (B) उपचार वृत्तान्त
(C) पताका (D) सन्धि
उत्तर : (C)

70. सभंगश्लेष अलंकार के भेद बतलाये गये हैं–
(A) चार (B) सात
(C) आठ (D) दश
उत्तर : (C)

71. ‘अद्’ धातु से लिट्लकार प्रथमपुरुष एकवचन में रूप बनता है–
(A) अत्त (B) आदत्
(C) जघास (D) अत्ता
उत्तर : (C)

72. जिस नायिका का नायक दूर देश में किसी प्रयोजन से रहता हो तो उस नायिका को कहते हैं–
(A) स्वाधीनपतिका (B) अभिसारिका
(C) कलहान्तरिता (D) प्रोषित प्रिया
उत्तर : (D)

73. कौन-सा शब्द संस्कृत में अशुद्ध है ?
(A) मयंक (B) शशांक
(C) कलंक (D) भुजंग
उत्तर : (A)

74. काव्यप्रकाश के अनुसार काव्य के प्रयोजनों की संख्या है–
(A) पंच  (B) सप्त
(C) षट् (D) एकादश
उत्तर : (D)

75. ‘पृष्टवान’ शब्द में प्रकृति तथा प्रत्यय है–
(A) पृच्छ + क्तवतु (B) पृष्ट् + वान्
(C) पृच्छ् + क्त (D) पृच्छ् + मतुप्
उत्तर : (A)

76. प्रत्यक्ष का लक्षण है–
(A) असाक्षात्कारित्रमाकरणं प्रत्यक्षम्। (B) साक्षात्कारिप्रमाकरणं प्रत्यक्षम्।
(C) इन्द्रियजं प्रत्यक्षम्। (D) यद् दृश्यते तत् प्रत्यक्षम्।
उत्तर : (B)

77. रसनावृत्ति का उल्लेख किया है–
(A) आचार्य विश्वनाथ ने (B) आचार्य मम्मट ने
(C) आचार्य आनन्दवर्धन ने (D) आचार्य भामह ने
उत्तर : (A)

78. भाषा का प्रयोग कितने रूपों में होता है?
(A) एक (B) दो
(C) तीन (D) चार
उत्तर : (B)

79. ‘अनुर्लक्षणे’ सूत्र विधायक है–
(A) कर्मप्रवचनीय संज्ञा का (B) उपसर्ग संज्ञा का
(C) गति संज्ञा का (D) निपात संज्ञा का
उत्तर : (A)

80. भाषा विज्ञान में अग्रस्वरों के उच्चारण में जिह्ना की चार कोटियों में कौन नहीं है ?
(A) उच्च (B) उच्च मध्य
(C) निम्न मध्य (D) निम्नोच्च
उत्तर : (D)

81. 27. 'सूर्याधारितम्' शब्द का सन्धिच्छेद क्या है?
(A) सूर्य + आधारितम् (B) सूर्या + धारितम्
(C) सूर्य + अधारितम् (D) सूर्याधा + रितम्
उत्तर : (A)

82. समस्त वस्तु विषयक तथा एक देशविवर्ति में भेद हैं–
(A) उपमालंकार के (B) उत्प्रेक्षालंकार के
(C) सांगरूपक के (D) तिरंगरूपक के
उत्तर : (C)

83. सांख्यदर्शन कहा जाता है–
(A) अद्वैतवादी (B) द्वैताद्वैतवादी
(C) त्रैतवादी (D) दैतवादी
उत्तर : (D)

84. क्री धातु से लट्लकार प्रथम पुरुष एक वचन में रूप बनता है–
(A) क्रेष्यति (B) क्रीणाति
(C) क्रेषोष्ट (D) क्रीणीतः
उत्तर : (B)

85. ‘क्वचद्विघैरप्यमथेन गम्यते’ सूक्ति का स्त्रोत है–
(A) कुमार सम्भवम् (B) मृच्छकटिकम्
(C) नैषयीयचरितम् (D) महावीरचरितम्
उत्तर : (C)

86. किसी एक संज्ञा शब्द के सभी विभक्ति, सभी वचनों में कितने पद बनते हैं?
(A) पन्द्रह (B) चौबीस
(C) इक्कीस (D) अठारह
उत्तर : (B)

87. आचार्यों ने व्यभिचारी भावों की संख्या स्वीकृत की है–
(A) दश (B) त्रयस्त्रिंशत
(C) एकविंशति (D) सप्तदश
उत्तर : (B)

88. ‘पुष्पा, स्वलेखन्या पत्रं लिखति’ वाक्य का वाच्य परिवर्त्न होगा–
(A) पुष्पा स्वलेखनीं पत्रं लिखति। (B) पुष्पया स्वलेखन्या पत्रं लिख्यते।
(C) पुष्पया स्वलेखन्या पत्रेण लिख्यते। (D) पत्रेण पुष्पा स्वलखन्या लिख्यते।
उत्तर : (B)

89. नाटक में किसी पात्र के द्वारा मुँह फेरकर दूसरे व्यक्ति से रहस्यात्मक बात कही जाती है, उसे कहते हैं–
(A) जनान्तिक (B) आकाशभाषित
(C) अपवारित (D) अंकास्य
उत्तर : (C)

90. ‘आभा पुष्पं जिघ्रति’ का हिन्दी अनुवाद होगा–
(A) आभा फूल खाती है (B) आभा फूल से नफरत करती है
(C) आभा पुष्प पसन्द करती है (D) आभा फूल सूँघती है
उत्तर : (D)

91. अविवक्षितवाच्य तथा विवक्षितान्य परवाच्य भेद हैं–
(A) अभिधा के (B) लक्षणा के
(C) ध्वनि के (D) तात्पर्या के
उत्तर : (C)

92. काव्य की आत्मा को ध्वनि मानने वाले आचार्य हैं–
(A) आनन्दवर्धन (B) क्षेमेन्द्र
(C) भामह (D) वामन
उत्तर : (A)

93. ‘यस्य न सविद्ये दयिता दवदहनस्तुहिनदीधि तिस्तस्य।
च सविधे दयिता दवदहनस्तुहिनदीधितिस्तस्य||’
इस पथ में अलंकार है–
(A) यमक (B) श्लेष
(C) वक्रोक्ति (D) लोटानुप्रास
उत्तर : (D)

94. ‘एधनीयम्’ पद में प्रत्यय है–
(A) ईय (B) अनीयट
(C) तव्यत् (D) ढक्
उत्तर : (B)

95. ‘मृच्छकटिकम्’ के सम्बन्ध में अधोलिखित् कथन सत्य है–
(A) ‘मृच्छकटिकम्’ केवल प्राकृत भाषा में लिखा गया है।
(B)  ‘मृच्छकटिकम्’ एक नाटक है।
(C) ‘मृच्छकटिकम्’ केवल पद्यो का प्रयोग है।
(D) ‘मृच्छकटिकम्’ एक प्रकरण है।
उत्तर : (D)

96. श्रीमद्भागवद् गीता में माया का कौन-सा गुण नहीं है ?
(A) दैवी (B) दुरत्यया
(C) गुणमयी (D) असती
उत्तर : (D)

97. रस को पानकरसन्यास से चव्र्यमाण स्वीकृत किया है–
(A) भट्टलोल्लट ने (B) भट्टनायक ने
(C) आचार्य शंकुक ने (D) श्रीमदभिनव गुप्तपाद ने
उत्तर : (D)

98. नाटक में ‘सन्धियों’ की संख्या होती है–
(A) दो (B) चार
(C) दश (D) पाँच
उत्तर : (D)

99. ‘अभिज्ञानशाकुन्तलम्’ में शकुन्तला को शाप दिया था–
(A) नारद ने (B) दुर्वासा ने
(C) विश्वामित्र ने (D) वशिष्ठ ने
उत्तर : (B)

100. बालक आदि की अपनी स्वाभाविक क्रिया या रूप का वर्णन कहा जाता है–
(A) अतिशयोक्ति (B) परिसंख्या
(C) स्वभावोक्ति (D) रसोक्ति
उत्तर : (C)

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