देश में 23 विश्वविद्यालय व 279 शिक्षण संस्थान फर्जी


विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने वर्ष 2017-18 में शुरू होने वाले नये शैक्षणिक सत्र से पहले 8 राज्यों में चल रहे 23 गैर-मान्यता प्राप्त संस्थानों की सूची जारी की है। इसमें दिल्ली, यूपी के सबसे ज्यादा आठ–आठ विश्वविद्यालय शामिल है।




यूजीसी और एआईसीटीई के सचिव के और से देशभर के विश्वविद्यालयों और राज्य सरकार के उच्च शिक्षा विभाग को उक्त विश्वविद्यालयों व उच्च् शिक्षण संस्थानों की सूची भेजी है। इस सूची में यूपी, दिल्ली, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, केरल, महाराष्ट्र, कनार्टक, बिहार के 23 विवि शामिल हैं।

इन विश्वविद्यालयों को यूजीसी अधिनियम, 1956 के प्रावधानों के खिलाफ काम करने के कारण फर्जी करार दिया गया है। असल में इन संस्थानों के डिग्री देने का अधिकार नहीं है। इस सूची के मुताबिक देश भर में 23 फर्जी विश्वविद्यालय और 279 तकनीकी संस्थान हैं। दिल्ली में सबसे ज्यादा 66 फर्जी शिक्षा संस्थान हैं।

नियामक की अनुमति के बिना इंजीनियरिंग और अन्य तकनीकी पाठ्यक्रम पेश करने वाले ऐसे 23 विश्वविद्यालयों में से नौ उत्तर प्रदेश में कार्यरत हैं। उसके बाद दिल्ली में 7, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 2-2 हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र, केरल और बिहार के राज्यों में भी एक-एक नकली तकनीकी संस्थान हैं।

यूपी की सूची में महिला ग्राम विश्वविद्यालय प्रयाग, गांधी हिंदी विद्यापीठ प्रयाग, नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ इलेक्ट्राकांप्लेक्स होम्योपैथी कानपुर, नेताजी सुभाषचंद्र बोस यूनिवर्सिटी अलीगढ़, उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय मथुरा, महाराणा प्रताप शिक्षा निकेतन विश्वविद्यालय प्रतापगढद्य इंद्रप्रस्थ शिक्षा परिषद नोएडा, गुरुकुल विश्वविद्यलाय म​थुरा का नाम शामिल है।


वहीं, दिल्ली में वाराणसेय संस्कृत विश्वविद्यालय जगपुरी, कमर्शियल यूनिवर्सिटी दरियागंज, यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी–एडीआर सेंट्रिक ज्यूरीडिकल यूनिवर्सिटी, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड इंजीनियरिंग, वोकेशनल यूनिवर्सिटी, विश्वकर्मा ओपन यूनिवर्सिटी फार सेल्फ इंप्लाइमेंट का नाम भी सूची में शामिल है। 

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