योग दिवस पर भारत में बने दो विश्व रिकॉर्ड


अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को भारत ने शानदार आयोजन कर दुनिया में अपनी अलग छाप छोड़ी है।साथ ही, भारत ने दो विश्व रिकॉर्ड बना 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में अपना नाम दर्ज करा लिया है।

पहला रिकॉर्ड एक ही जगह पर सबसे अधिक लोगों के योग करने का बना, तो दूसरा कीर्तिमान बना एक साथ सबसे अधिक देशों के लोगों के योग करने का। दिल्ली के राजपथ पर योग दिवस के मौके पर आयोजित समारोह स्थल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत 35,985 लोगों ने एक साथ हिस्सा लेकर योग किया। दुनिया में पहली बार एक साथ एक जगह इतने ज्यादा लोगों ने योगाभ्यास किया है। यह एक नया विश्व रिकॉर्ड है। आयोजन में 84 देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे, यह दूसरा विश्व रिकॉर्ड है। इन्हीं वजहों से ये कीर्तिमान 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड्‍स' में दर्ज हो गए।

योग दिवस के आयोजन को सफल बनाने के लिए आयुष मंत्रालय पिछले दो महीने से जुटा हुआ था। एक ही जगह पर सबसे बड़ी योग कक्षा का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लिए आयुष मंत्रालय ने खास इंतजाम किए थे। उसी के प्रयासों का नतीजा है कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ कुल 35,985 लोगों ने योग किया। ये योगाभ्यास लगभग 35 मिनट तक चला और इसमें 30 करोड़ रुपये खर्च हुए।

राजपथ पर योगाभ्यास के दौरान रिकॉर्ड बनते देखने के लिए गिनिज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अधिकारी भी मौजूद थे। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के वाइस प्रेसिडेंट मारको ने लोगों की गिनती करने के लिए ऑडिटर्स के साथ मिलकर योग कक्षा में हिस्सेदारी कर रहे लोगों के लिए बार कोड की व्यवस्था की थी। सबसे बड़ी योग कक्षा का रिकॉर्ड पहले भी भारत के नाम पर दर्ज है। 2005 में ये योग कक्षा मध्य प्रदेश के ग्वालियर में लगाई गई थी, जिसमें 29,973 छात्रों ने एक साथ योगासन किए थे। इससे पहले सबसे बड़ी योग चेन, सबसे लंबे योग मैराथन के विश्व रिकॉर्ड भी भारत के नाम पर हैं।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर छह महीद्वीपों के कुल 251 शहरों में योग दिवस के कार्यक्रम आयोजित हुए। याद रहे, पिछले साल ही संयुक्त राष्ट्र ने घोषणा की कि 21 जून को हर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा।

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