अन्तरिक्ष में भारत के उपग्रह | Indian Satellites


भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) भारत का राष्ट्रीय अंतरिक्ष संस्थान है जिसका गठन आज से 45 वर्ष पहले 15 अगस्त, 1969 को किया गया था। इसका मुख्यालय कर्नाटक राजधानी बंगलोर में स्थित है। इसरो को शांति, निरस्त्रीकरण और विकास के लिए वर्ष 2014 के इंदिरा गांधी पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

पिछले चार दशकों में, इसरो ने मोबाइल संचार, डायरेक्ट टू होम सेवाएँ, मौसमविज्ञानीय प्रेक्षण, दूर-चिकित्सा, दूर-शिक्षा, आपदा चेतावनी, रेडियो नेटवर्किंग, खोज और बचाव कार्य, सुदूर संवेदन और अंतरिक्ष के वैज्ञानिक अध्ययन जैसे विभिन्न वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकी अनुप्रयोगों के लिए 60 से अधिक उपग्रहों को प्रमोचित किया।

वर्तमान में  भारत के 27 विभिन्न उद्देशीय उपग्रह अन्तरिक्ष में कार्यशील हैं। इनमें 11 संचार उपग्रह, 12 भूपर्यवेक्षण उपग्रह (Earth Observation Satellites), 3 नौवहन उपग्रह (Navigational Satellite) व 1 मंगल यान (Mars Orbiter Mission–MOM) शामिल हैं।

इन सभी कार्यशील उपग्रहों के नाम निम्नलिखित हैं–
(i) संचार उपग्रह (Communication Satellite) (11) इन्सैट–3A, इन्सैट–3सी, इन्सैट–4ए, इन्सैट–4बी, इन्सैट–4सीआर, जीसैट–7, जीसैट–8, जीसैट–10, जीसैट–12, जीसैट–14 और जीसैट–16
 (ii) भूयर्पवेक्षण उपग्रह (Earth Observation Satellite) (12)
 
रिसोर्ससैट–2, रिसैट–1 (RISAT-1), रिसैट–2 (RISAT-2), कार्टोसैट–1, कार्टोसैट–2, कार्टोसैट–2ए, कार्टोसैट–2बी, ओशनसैट–2, सरल (SARAL), कल्पना–1, मेघा ट्रॉपिक्स और इन्सैट–3डी
 (iii) नौवहन उपग्रह (Navigational Satellite) 3
 
आईआरएनएसएस–1ए, आईआरएनएसएस–1बी और आईआरएनएसएस–1सी
 (iv) मंगलयान (Mars Orbiter Mission-MOM) 
इसके अतिरिक्त जिन अन्य उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए काम चल रहा है या जिनके प्रक्षेपण की योजना है, उनमें 6 संचार उपग्रह– जीसैट–15, जीसैट–9, जीसैट–6, जीसैट–6ए, जीसैट–7ए और जीसैट–11; 13 भूपर्यवेक्षण उपग्रह–रिसोर्ससैट–2ए, कार्टोसैट–2सी, कार्टोसैट–2डी, कार्टोसैट–2ई, जीआईसैट–1, जीआईसैट–2, इनसैट–3डीआर, इन्सैट–3डीएस, कार्टोसैट–3ए, कार्टोसैट–3बी, प्रौद्योगिकी निरूपक सूक्ष्म उपग्रह (Technology Demonstrator Micro Satellite), अतिस्पेक्ट्रमी प्रतिबिम्बन उपग्रह
 (Hyperspectrical Imaging Satellite) व रिसैट–2ए; 4 नौवहन उपग्रह (Navigational Satellite) –आईआरएनएसएस–1डी, आईआरएनएसएस–1ई, आईआरएनएसएस–1 एफ एवं आईआरएनएसएस–1जी तथा 3 अन्तरि​क्ष विज्ञान उपग्रह–एस्ट्रोसैट, चन्द्रयान–2 और आदित्य शामिल हैं।

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