संधि की परिभाषा और इससे संबंधित वस्तुनिष्ठ प्रश्न

Sandhi in Hindi

संधि (Conjution)
शब्द का अर्थ होता है – मेल, संयोग, समझौता। हिंदी व्याकरण में संधि शब्द का प्रयोग एक तरह से वर्ण-विकार के अर्थ में किया जाता है। यह विकार वर्णों के मेल से ही होता है। जब दो शब्द पास-पास आते हैं, तब हम उच्चरण की सुविधा के लिए उन दोनों को पृथक-पृथक उच्चरित न करके उन्हें मिला देते हैं। इस प्रकार एक नया शब्द बन जाता है। शब्द के इस नए रूप के निर्माण में पहले शब्द के अंतिम अक्षर और दूसरे शब्द के पहले अक्षर का मेल होता है। समान्यत: अक्षरों की इसी मिलावट को संधि कहा जाता है।

संधि की परिभाषा – दो वर्णों के मेल से उत्पन्न विकार को व्याकरण में संणि कहते हैं। दो निर्दिष्ट अक्षरों के पास-पास आने के कारण, उनके संयोग से जो विकार उत्पन्न होता है, उसे संधि कहते हैं। जैसे-विद्या + आलय = विद्यालय में द्या में आलय के आ से मिल जाने से एक दीर्घ आ हो गया है।
संधि-विच्छेद – जो शब्द संधि से बने हैं, उनके खडों को अपने पूर्व रूप में रखना अथवा संधि को तोड़ना संधि-विच्छेद कहलाता है। जैसे –
कवीन्द्र = कवि + इन्द्र (इ+इ)।
इत्यादि = इति + आदि (इ+आ)।
देवर्षि = देव + ऋशि (अ+ऋ)।
रमेश = रमा + ईश (आ+ई)।

संधि से संबंधित पूछे गए प्रश्न और उत्तर– 
1. 'पावन' का संधि विच्छेद होगा? (लोअर 2 परीक्षा, 2015)
(A) पा + वन (B) प + आवन
(C) पौ + अन (D) पो + अन
(C) 'पवन' का संधि विच्छेद पौ + अन होगा। यह अयादि स्वर संधि है। इसके नियमानुसार ए, ऐ, ओ और औ के बाद जब कोई भिन्न स्वर आता है, तब 'ए' के स्थान पर 'अय' 'ओ' के स्थान पर 'अव', 'ऐ' के स्थान पर आय् तथा औ के स्थान पर आव् हो जाता है।

2. उच्चारण का संधि-विच्छेद होगा? (लोअर 1 परीक्षा, 2015)
(A) उच् + आरण (B) उत : + चारण
(C) उत् + चारण (D) उच : + चारण
(C) उच्चारण का संधि विच्छेद 'उत् + चारण' होगा। यह व्यंजन संधि है। जब 'त्' के बाद 'च' अथवा 'छ' हो तो 'त्' का 'च्' हो जाता है। इसके अन्य उदाहरण हैं – सत् + चरित्र = सच्चरित्र, शरत् + चन्द्र शरच्चन्द्र।

3. भर्ध्व का संधि विच्छेद होगा? (लोअर 1 परीक्षा, 2015)
(A) भू: + ध्व (B) भू + उर्ध्व
(C) भु: + ध्व (D) भू: + व
(B) 'भूर्ध्व' का संधि विच्छेद – भू + ऊ है। इसमें दीर्घ स्वर संधि है। जब ह्रस्वा या दीर्घ अ, इ, उ के बाद समान स्वर (अ, इ, उ) ह्रस्व या दीर्घ आये तो उनका दीर्घीकरण (आ, ई, ऊ) हो जाता है, इसे ही दीर्घ संधि कहते है।

4. 'सत्याग्रह' का संधि विच्छेद होगा? (ग्राम पंचायत अधिकारी परीक्षा, 2015)
(A) सत्या + ग्रह (B) सत + आग्रह
(C) सत्य + ग्रह (D) सत्य + आग्रह
(D) 'सत्याग्रह' का सही विग्रह 'सत्य + आग्रह' होगा। यहाँ दीर्घ स्वर संधि है। इसमें दो सवर्ण 'अ' और 'आ' मिलकर दीर्घ 'आ' बन जाते हैं।

5. पवन का संधि-विच्छेद होगा? (जूनियर इंजीनियर परीक्षा, 2015)
(A) पो + अन (B) पी + अन
(C) प + वन (D) पो + वन
(A) 'पवन' का संधि विच्छेद 'पो + अन'। इसमें अयादि संधि है।

6. 'उच्छ्वास' का संधि विच्छेद होगा? (असिस्टेंट अकाउंटेंट परीक्षा, 2015)
(A) उत् + छ्वास' (B) उच् + श्वास
(C) उच्छ + वास (D) उत् + श्वास
(D) 'उच्छ्वास' का संधि विच्छेद उत् + श्वास है यह एक व्यंजन संधि है।

7. 'सच्छास्त्र' का संधि विच्छेद होगा? (चकबन्दी लेखपाल परीक्षा, 2015)
(A) सत् + छास् (B) सच् + छास्त्र
(C) सच् + शास्त्र (D) सत् + शास्त्र
(D) सच्छास्त्र का संधि विच्छेद 'सत् + शास्त्र' यह व्यंजन संधि है।

8. 'नि + कलंक' का संधि विच्छेद होगा? (चकबन्दी लेखपाल परीक्षा, 2015)
(A) निस्कलंक (B) निश्कलंक
(C) निष्कलक (D) निष्कलंक
(D) नि: + कलंक का संधि 'निष्कलंक। यह विसर्ग संधि है।

9. 'पवन' का संधि विच्छेद होगा? (चकबन्दी लेखपाल परीक्षा, 2015)
(A) पव + अन (B) पो + अन
(C) पव + न (D) पो + अवन
(B) पवन का संधि विच्छेद 'पो + अन' अयादि संधि है।

10. 'वाणी + औचित्य' का संधि विच्छेद होगा? (चकबन्दी लेखपाल परीक्षा, 2015)
(A) वाण्यौचित्य (B) वाणैचित्य
(C) वाण्यैचित्य (D) वाणौचित्य
(A) 'वाणी + औचित्य' का संधि 'वाण्यैचित्य' है यह यण संधि है। (ई + औ = यौ)

11. 'अन्वीक्षण' का संधि विच्छेद होगा? (चकबन्दी लेखपाल परीक्षा, 2015)
(A) अनु + ईक्षण (B) अन + वीक्षण
(C) अनू + ईक्षण (D) अनु + इक्षण
(A) अन्वीक्षण का संधि विच्छेद 'अनु + ईक्षण' (उ + ई = वी) है। यह यण संधि है।

12. 'शीतर्तु' का संधि विच्छेद होगा? (चकबन्दी लेखपाल परीक्षा, 2015)
(A) शि + रतु (B) शिता + रुतु
(C) शीत + ऋतु (D) शित + रितु
(C) 'शीतर्तु' का संधि विच्छेद 'शीत + ऋतु' (अ + ऋ = अर) है। यह गुण संधि है।

13. 'रीत्यनुसार' का संधि विच्छेद होगा? (राजस्व लेखपाल परीक्षा, 2015)
(A) रीति + अनुसार (B) रीत्य + अनुसार
(C) रीतु + अनुसार (D) रीत + अनुसार
(A) 'रीत्यनुसार' का संधि विच्छेद रीति + अनुसार होता है इसमें यण संधि होता है।

14. 'यद्यपि' का संधि विच्छेद होगा? (परिचालक परीक्षा, 2015)
(A) यद्य + आपि (B) य + द्यपि
(C) यदि + अपि (D) यद्या + आपि
(C) 'यद्यपि' का संधि विच्छेद होगा 'यदि + अपि'।

15. 'तिरस्कार' का संधि विच्छेद होगा? (परिचालक परीक्षा, 2015)
(A) तिरस + कार (B) तिर: + कार
(C) ति: + कार (D) तिर + कार
(B) तिरस्कार का संधि विच्छेद 'तिर: + कार'। यह एक अपवाद संधि विच्छेद है – इसमें विसर्ग का स् हो जाता है, जैसे – नम: + कार = नमस्कार, पुर: + कार = पुरस्कार।

16. 'आच्छादित' का संधि विच्छेद होगा? (स्टेनोग्राफर परीक्षा, 2015)
(A) आत् + छादित (B) आक् + छादित
(C) आ + छादित (D) आच् + छादित
(C) आच्छादित = आ + छादित यह एक व्यंजन संधि है – किसी भी ह्रस्व स्वर या 'आ' का मेल 'छ' से होने पर 'छ' से पहले 'च' जोड़ दिया जाता है। जैसे –
स्व + छंद = स्वच्छंद, परि + छेद = परिच्छेद
अनु + छेद = अनुच्छेद, वि + छेद = विच्छेद

17. 'उच्छवास' का संधि विच्छेद होगा? (कनिष्ठ सहायक परीक्षा, 2015)
(A) उच् + श्वास (B) उच् + छवास
(C) उत् + श्वास (D) उत् + छवास
(C) 'उच्छ्वास' का सही संधि विच्छेद 'उत् + श्वास' है। यह व्यंजन संधि है।

18. 'मनोहर' का संधि विच्छेद होगा? (कानूनगो भर्ती परीक्षा, 2015)
(A) स्वर संधि (B) विसर्ग संधि
(C) व्यंजन संधि (D) दीर्घ संधि
(B) यदि विसर्ग के पहले 'अ' और बाद में संघोष व्यंजन अथवा 'अ' 'या', 'र', 'व', 'ह' हो तब विसर्ग का 'ओ' हो जाता है।
जैसे –
मन: + योग = मनोयोग
पय: + धन = पयोधन
मन: + हर = मनोहर
पय: + द = पयोद

19. 'वधूर्मि' का संधि विच्छेद होगा? (ग्राम विकास अधिकारी परीक्षा, 2016)
(A) वधू + उर्मि (B) वधू + ऊर्मि
(C) वधु + उर्मि (D) वधु + ऊर्मि
(B) दीर्घ संधि के अनुसार हश्व या दीर्घ 'अ', 'इ', 'उ', के बाद क्रमश: समान ह्रश्व या दीर्घ 'ह्र', 'इ', 'उ' स्वर आएँ तो दोनों मिलकर दीर्घ (आ, इ, ऊ) हो जाते हैं। जैसे –
धर्म + अर्थ = धर्मार्थ
वधू + ऊर्मि = वधूर्मि
नारी + ईश्वर = नारीश्वर

20. 'अत्यधिक' का संधि विच्छेद होगा? (कानूनगो भर्ती परीक्षा, 2015)
(A) अत्य + धिक (B) अति + अधिक
(C) अती + अधिक (D) अत्यधि + क
(B) यण संधि के अनुसार यदि 'इ', 'ई', 'उ', 'ऊ', तथा 'ऋ' के बाद भित्र स्वर आये तो 'इ' और 'ई' का 'य' 'उ' और 'ऊ' का 'व' तथा ऋ का 'र' हो जाता है।
जैसे –
अति + अधिक = अत्यधिक
अति + उत्तम = अत्युत्तम
अनु + एषण = अन्वेषण

21. 'तल्लीन' का संधि विच्छेद होगा? (फूड इंस्पेक्टर, 1996)
(A) तव + लीन (B) तल + लीन
(C) तत: + लीन (D) तत् + लीन
(D) तल्लीन शब्द का संधि विच्छेद है – तत् + लीन। इसमें व्यंजन संधि है। व्यंजन के स्वर अथवा व्यंजन के मेल से उत्पन्न विकार को व्यंजन संधि कहते है। यदि त के बाद ल रहे तो त, द् में परिवर्तित हो जाता है। यदि न् के पश्चात् त रहे तो न का अनुनासिक के साथ ल हो जाता है।

22. 'सदैव' का संधि विच्छेद होगा? (नायब तहसीलदार परीक्षा, 1996)
(A) यण संधि (B) व्यंजन संधि
(C) वृद्धि संधि (D) गुण संधि
(C) सदैव संधि में वृद्धि संधि है। सदैव का संधि विच्छेद है – 'सदा + एवं। जब लघु या दीर्घ के उपरान्त ए ऐ ओ औ आये तो ए और ऐ क स्थान पर ऐ तथा ओ ओर औ की जगह औ हो जाता है। सदा + एव में आ + ए है = ऐ हो जाता है।

23. 'वाग्जाल' का संधि विच्छेद होगा? (नायब तहसीलदार परीक्षा, 1995)
(A) वाक् + जाल (B) वाक + जाल
(C) वाग् + जाल (D) वाग + जाल
(A) वाग्जाल का संधि विच्छेद वाक् + जाल होगा। यदि क, च, ट, त, प के बाद किसी वर्ग का तृतीय या चतुर्थ वर्ण आये अथवा य, र, ल, व अथवा कोई स्वर हो तो, क, च, ट, प्, के स्थान पर उसी वर्ग का तीसरा अक्षर (ग, ज, ड, द, ब) हो जायेगा। जैसे –
वाक् + ईश = वागीश, वाक् + जाल = वाग्जाल
दिक् + गज = दिग्गज, अच + अन्त = अजन्त,
सत् + वाणी = सद्वाणी

24. 'समुद्रोर्मि' का संधि विच्छेद होगा? (नायम तहसीलदार परीक्षा, 1996)
(A) समुद: + ऊर्मि (B) समुद्र + ओर्मि
(C) समुद्र + ऊर्मि (D) समुद्रो + ऊर्मि
(C) समुद्रोर्मि का सही संधि-विच्छेद 'समुद्र + ऊर्मि' है, जो कि गुण संधि का उदाहरण है। जब अ या आ के उपरान्त लघु या दीर्घ ई, उ, ऋ आए तो दोनों के स्थान पर क्रमश: ए, ओ, अर हो जाता है। जैसे –
समुद्र + उर्मि = समुद्रोर्मि
पर + उपकार = परोपकार
सूर्य + उदय = सूर्योदय
देव + इन्द्र = देवेन्द्र
महा + इन्द्र = महेन्द्र
राजा + ऋषि = राजर्षि


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