विज्ञान की प्रमुख शाखाएँ और अध्ययन विषय

विज्ञान की प्रमुख शाखाएँ और अध्ययन विषय (Branches of Science and their Studies) - दोस्तों सामान्य विज्ञान विषय के अंतर्गत विज्ञान की प्रमुख शाखाओं पर कई प्रश्न विभिन्न परीक्षाओं में पूछे जाते है। विज्ञान की प्रमुख शाखाऐं में किस विषय का अध्ययन किया जाता है, इसपर भी कई प्रश्न पूछे जा चुके है। आईएएस, बैंकिंग पीओ, शिक्षक, यूपीएससी, पीसीएस सहित लगभग सभी परीक्षाओं की तैयारी के लिए इनका अध्ययन करना अनिवार्य है। तो आइये जानते है विज्ञान की महत्वपूर्ण शाखाओं के नाम और उनके अध्यनन विषयों के बारे में–


अर्बोरीकल्चर (Arboriculture) – यह वृक्ष उत्पादन सम्बन्धी विज्ञान की शाखा है।
आॅनिथोलॉजी (Ornithology) – इस विज्ञान में पक्षियों से सम्बन्धित अध्ययन किया जाता है।
आॅप्टिक्स (Optics) – प्रकाश के प्रकार व गुणों का अध्ययन करने वाले भौतिकशास्त्र की यह एक शाखा है।
आॅर्कियोलॉजी (Archaeology) – यह पुरातत्व सम्बन्धी विज्ञान की शाखा है।
आॅस्टियोलॉजी (Osteology) – प्राणिविज्ञान की इस शाखा में हड्डियों का अध्ययन किया जाता है।
इकोलॉजी (Ecology) – यह विज्ञान वनस्पतियों तथा प्राणियों के पर्यावरण (Environment) या प्रकृति से सम्बन्धों का अध्ययन करता है।
इथोलॉजी (Ethology) – इस शाखा के अन्तर्गत प्राणियों के आचार तथा व्यवहार का अध्ययन होता है।
एक्स-बायोलॉजी (Ex-biology) – इस विज्ञान के द्वारा पृथ्वी को छोड़कर अन्य ग्रहों व उपग्रहों पर जीवन की संभावनाओं का अध्ययन किया जाता है।
एग्रोस्टोलॉजी (Agrostology) – यह घासों से सम्बन्धित विज्ञान की शाखा है।
एथनोग्राफी (Ethnography) – इस शाखा के अन्तर्गत मानव जाति का अध्ययन होता है।
एनाटॉमी (Anatomy) – यह जीव विज्ञान की वह शाखा है, जो शरीर की आतंरिक संरचना सं सम्बन्धित है।
एन्टोमोलॉजी (Entomology) – जन्तु विज्ञान की यह शाखा कीट-पतंगों का व्यापक अध्ययन करती है।
एन्थ्रोपोलॉजी (Anthropology) – यह विज्ञान की वह शाखा है जिनमें मानव के विकास, रीति–रिवाज, इतिहास, परम्पराओं से सम्बन्धित विषयों का अध्ययन किया जाता है।
एपीग्राफी (Epigraphy) – इस शाखा के अन्तर्गत शिलालेख सम्बन्धी ज्ञान का अध्ययन होता है।
एपीडीमियोलॉजी (Epidemiology) – चिकित्सा विज्ञान की यह शाखा महामारी की उनके उपचार से सम्बन्धित है।
एरोनॉटिक्स (Aeronautics) – इस विज्ञान की इस शाखा द्वारा अन्तर्गत वायुयान सम्बन्धी तथ्यों का अध्ययन होता हे।
एस्ट्रोफिजिक्स (Astrophysics) – यह नक्षत्रों के भौतिक रूप से सम्बन्धित खगोलीय अर्थात् खगोल भौतिक विज्ञान की शाखा है।
एस्ट्रोलॉजी (Astrology) – यह विज्ञान मानव के जीवन पर विभिन्न नक्षत्रों के प्रभावों का अध्ययन करता है, इसे ज्योतिशास्त्र भी कहते हैं।
एस्ट्रोलॉजी (Astrology) – यह खगोलीय पिण्डों का अध्ययन करने वाला विज्ञान है।
एस्थेटिक्स (Esthestics) – इस शाखा के अन्तर्गत सौन्दर्य (ललित कला) शास्त्र का अध्ययन होता है।
ओडोन्टोग्राफी (Odontography) – दाँतों का अध्ययन करने वाली चिकित्सा विज्ञान की यह एक शाखा है।
कान्कोलॉजी (Conchology) – इस शाखा के अन्तर्गत शंखविज्ञान (मोलस्क विज्ञान) का अध्ययन होता है।
कास्मोगोनी (Cosmogony) – इस शाखा के अन्तर्गत ब्रह्राण्डोत्पत्ति सिद्धान्त का अध्ययन होता है।
कास्मोग्राफी (Cosmography) – इस शाखा के अन्तर्गत विश्व-रचना सम्बन्धी ज्ञान का अध्ययन होता हे।
कीमोथेरेपी (Chemotherapy) – यह चिकित्सा विज्ञान की वह शाखा है जिसमें रासायनिक यौगिकों से उपचार किया जाता है।
कैलिस्थेनिक्स (Calisthenics) – इस शाखा के अन्तर्गत शारीरिक सौन्दर्य एवं शक्तिवर्धक व्यायामों की विधियों सम्बन्धी ज्ञान का अध्ययन होता है।
कोस्मोलॉजी (Cosmology) – यह समस्त ब्रह्राण्ड का अध्ययन करने वाली विज्ञान की एक शाखा है।
क्रायोजेनिक्स (Cryogenics) – यह निम्न ताप के विभिन्न प्रयोगो तथा नियंत्रणों का अध्ययन करने वाला विज्ञान है।
क्रिप्टोग्राफी (Cryptography) – इस शाखा के अन्तर्गत गूढ़ लेखन या बीजलेखन सम्बन्धी ज्ञान का अध्ययन होता है।
जियोडेसी (Geodesy) – इस शाखा के अन्तर्गत भूगणित ज्ञान का अध्ययन किया जाता है।
जियोमेडिसीन (Geomedicine) – यह औषधि शास्त्र की वह शाखा है, जो जलवायु व वातावरण का स्वास्थ्य पर प्रभाव का अध्ययन करती है।
जियोलॉजी (Gerontology) – भूगर्भ सम्बन्धी अध्ययन, उसकी बनावट, संरचना आदि का अध्ययन इस विज्ञान के द्वारा किया जाता है।
जिरोन्टोलॉजी (Gerontology) – वृद्धावस्था से सम्बन्धित अध्ययन, इस विज्ञान के द्वारा किया जाता है।
जीनीकोलॉजी (Genecology) – इस शाखा के अन्तर्गत जीवों की जातियों के विभेदों का अध्ययन होता है।

टेलीपैथी (Telepathy) – इस शाखा के अन्तर्गत मानसिक संक्रमण की प्रक्रिया का अध्ययन होता है।
टोक्सीकोलॉजी (Toxicology) – इस शाखा के अन्तर्गत विषयों के बारे में अध्ययन होता है।
न्यूमिसमेटिक्स (Numismatics) – इस विज्ञान की शाखा के अन्तर्गत पुराने सिक्कों (Coins) का अध्ययन होता है।
न्यूमेरोलॉजी (Numerology) – यह विज्ञान की वह शाखा है जिसमें अंकों का अध्ययन किया जाता है।
न्यूरोलॉजी (Neurology) – मानव शरीर की नाड़ियों या तंत्रिकाओं का अध्ययन तथा उपचार इस विज्ञान के द्वारा किया जाता है।
पोमोलॉजी (Pomology) – यह विज्ञान फलों के अध्ययन से सम्बन्धित है।
फाइकोलॉजी (Phycology) – इन शाखा के अन्तर्गत शैवालों (Algae) का अध्ययन होता है।
मीट्रियोलॉजी (Mammography) – यह स्त्रियों में पाये जाने वाले ब्रेस्ट कैंसर की जाँच करने वाले चिकित्सा विज्ञान की शाखा है
मैमोग्राफी (Mammography) – यह स्त्रियों में पाये जाने वाले ब्रेस्ट कैंसर की जाँच करने वाले चिकित्सा विज्ञान की शाखा है।
मॉट्रिलोजॉजी (Metrology) – मौसम की दशाओं में होने वाली क्रियाओं व परिवर्तनों का अध्ययन इस विज्ञान के द्वारा किया जाता है।
मॉर्फोलॉजी (Morphology) – पृथ्वी पर पाये जाने वाले प्राणियों तथा पौधें की संरचना, रूप, प्रकार आदि का अध्ययन इस विज्ञान के द्वारा किया जाता है।     
लेक्सीकोग्राफी (Lexicography) – यह शब्दकोश संकलन तथा लिखने की कला है।
सिरेमिक्स (Ceramics) – यह टेक्नोलॉजी की वह शाखा है जो चीनी मिट्टी के बर्तन तैयार करने से सम्बन्धित है।
सिस्मोलॉजी (Seismology) – विज्ञान की इस शाखा द्वारा भूकम्पों का अध्ययन किया जाता है।
सेरीकल्चर (Sericulture) – इस शाखा के अन्तर्गत रेशम के कीड़े के पालन और उनमें रेशम के उत्पादन का अध्ययन होता हे।
सेलीनोलॉजी (Selinology) – इस शाखा के अन्तर्गत चन्द्रमा के मूल स्वरूप तथा गति के वर्णन का अध्ययन किया जाता हे।
हाइजीन (Hygiene) – स्वास्थ्य की देखभाल करने वाला यह स्वास्थ्य का विज्ञान है।
हाइड्रोपैथी (Hydropathy) – इस विज्ञान के द्वारा पानी से रोगों की चिकित्सा होती है।
हाइड्रोपोनिक्स (Hydroponics) – इस शाखा के अन्तर्गत जल संवर्धन का अध्ययन किया जाता है।
हाइड्रोस्टेटिक्स (Hydrostatics) – इस शाखा के अन्तर्गत द्रवस्थैतिक का अध्ययन होता है।
हिप्नोलॉजी (Hypnology) – नींद का अध्ययन।
हीलियोथेरी (Heliotherapy) – सूर्य के प्रभाव से चिकित्सा करने की प्रक्रिया को कहते है।
होरोलॉजी (Horology) – यह समय मापने वाला विज्ञान है।
होर्टीकल्चर (Horticulture) – फल-फूल व साग-सब्जी उगाने, बाग लगाने, पुष्प उत्पादन का अध्ययन इस विज्ञान के द्वारा किया जाता है।
होलोग्राफी (Holography) – यह लेसर पुज्ज की सहायता से त्रिविमीय चित्र बनाने वाली विधि है।

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