पाकिस्तान की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश - ताहिरा


पाकिस्तान की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश सैयद ताहिरा सफदर बनीं है। इसकी घोषणा पाकिस्तान के चीफ जस्टिस मियां साकिब निसार ने 23 जुलाई 2018 को लाहौर में की। न्यायाधीश सैयद ताहिरा बलूचिस्तान हाईकोर्ट के मौजूदा चीफ जस्टिस मोहम्मद नूर मेसकनजाई की जगह लेंगी, जो 31 अगस्त को रिटायर हो रहे हैं। इसके साथ ही रुढि़वादी मुस्लिम बहुल पाकिस्तान में किसी अदालत में वह पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनेंगी।


न्यायाधीश ताहिरा पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के खिलाफ देशद्रोह के मामले की सुनवाई कर रही 3 न्यायाधीशों की विशेष पीठ का हिस्सा हैं। वे 1882 में पाकिस्तान की पहली महिला सिविल जज भी बनी थीं। तब वे महज 25 साल की थीं। 5 अक्टूबर 1957 को क्वेटा में जन्मी ताहिरा पाक के जानेमाने वकील सैयद इम्तियाज हुसैन बाकरी की बेटी हैं। उन्होंने बलूचिस्तान विश्वविद्यालय से उर्दू साहित्य की मास्टर डिग्री ली थी। इसके बाद क्वेटा के लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई की।

संघीय शरीयत न्यायालय की स्थापना राष्ट्रपति के आदेश से 1980 में की गई थी। न्यायमूर्ति जहां न्यायालय के 33 वर्षो के इतिहास में पहली महिला न्यायाधीश हैं।

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