जानिये, बुलेट ट्रेन इन इंडिया के बारे में

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने 14 सितंबर, 2017 को अहमदाबाद और मुंबई के बीच चलने वाली भारत की पहली तेज रफ्तार बुलेट ट्रेन के लिए साबरमती स्टेशन पर भूमि पूजन कर परियोजना की शुरुआत की।


देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना
● इस परियोजना के 2022 तक पूरी होने की संभावना है।
● यह ट्रेन करीब पांच सौ किलोमीटर की दूरी को दो घंटे में तय करेगी।
● इस परियोजना के पूरा होने पर भारत दुनिया के उन गिने-चुने 15 देशों में शामिल हो जाएगा जहां बुलेट ट्रेन सुविधा उपलब्ध है।
● इस अवसर पर दोनों नेताओं ने बुलेट ट्रेन के लिए वड़ोदरा में स्थापित किए जाने वाले तेज रफ्तार रेल प्रशिक्षण संस्थान की भी आधारशिला रखी।
● 6 अरब रुपये लागत के इस प्रशिक्षण संस्थान में जापानी विशेषज्ञ तेज रफ्तार रेल प्रणाली के निर्माण और संचालन के बारे में भारतीय इंजीनियरों को प्रशिक्षण देंगे।
● बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के अलावा भारत और जापान ने निवेश संवर्धन, नागरिक विमानन और विज्ञान तथा टेक्नोलॉजी समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के 15 द्विपक्षी समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
● गांधीनगर में शिखर स्तर की वार्ता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजों आबे की उपस्थिति में ये समझौते किए गए।
● दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा भी की।
● जापान ने 2016-17 में भारत में चार अरब 70 करोड़ डालर का निवेश किया जो कि इससे पहले साल की तुलना में 80 प्रतिशत अधिक है।

बुलेट ट्रेन परियोजना की कुल लागत
भारत में चलने वाली पहली बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की कुल लागत 1.10 लाख करोड़ रुपये की है।
● इस परियोजना के लिए 0.1% के ब्याज दर पर 88 हजार करोड़ रुपये जापान सरकार कर्ज के रूप में देगी।
● यह कर्ज भारत को 50 सालों में चुकाना होगा। 24 बुलेट ट्रेने जापान से भारत आएंगी, बाकी की ट्रेने भारत में ही बनेंगी।
● इसके अलावा भारत में इस ट्रेन के उपकरण और कोच भी बनेंगे।

बुलेट ट्रेन इन इंडिया के महत्वपूर्ण तथ्य
भारत की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद तक 508 किमी का सफर तय करेगी।
● इस ट्रेन की रफ्तार 320 किमी/घण्टा के करीब होगी।
● मुंबई से अहमदाबाद के बीच लगभग तीन घंटे की दूरी तय करेगी।
● मौजूदा सबसे तेज ट्रेन से ये दूरी तय करने में 7-8 घंटे का वक्त लगता है।
● यह ट्रेन बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स से शुरू होकर ठाणे, विरार, बोईसर, वापी, बिलीमोरा, सूरत, भरूच, वड़ोदरा, आनंद, अहमदाबाद के रास्ते साबरमती पहुंचेगी।
● इस रूट के अनुसार ठाणे और वसई के बीच 7 किमी. समुद्र के नीचे दौड़ेगी।
(साभार : अमर उजाला 'उड़ान')

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