कसीनथूनी विश्वनाथ दादा साहब फाल्के पुरस्कार 2017

जानेमाने 87 वर्षीय निदेशक कासीनाधुनी विश्वनाथ (Kalatapasvi K. Viswanath) को 24 अप्रैल, 2017 को फिल्म जगत में उत्कृष्ट योगदान के लिए वर्ष 2016 के दादा साहब फाल्के पुरस्कार के लिए चुना गया। विश्वनाथ भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान पाने वाले 48वें कलाकार होंगे। इन्होंने हिंदी, तेलुगू और तमिल फिल्मों में अपना योगदान दिया है।

इस पुरस्कार के तहत स्वर्ण कमल, 10 लाख रुपये की नकद पुरस्कार और एक शॉल से सम्मानित किया जाता है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 3 मई को राष्ट्रीय राजधानी में यह सम्मान प्रदान करेंगे।

पांच राष्ट्रीय फिल्म सम्मान जीत चुके विश्वनाथ को उनकी फिल्मों शंकरभरणम, सागर संगमम, स्वाति मुतयम, सप्तपदी, कामचोर, संजोग और जाग उठा इंसान के लिए जाना जाता है।




सिनेमा को दिए गये अपने योगदान के लिए इन्हें कई पुरस्कार मिल चुके हैं। इन्हें 5 बार नेशनल फिल्म अवार्ड, 10 बार फिल्म फेयर अवार्ड और एक बॉलीवुड फिल्म फेयर अवार्ड मिल चुका है। इनकी कुछ हिंदी फ़िल्में सरगम, कामचोर, संजोग, सुर सरगम जैसे कई फ़िल्में आज भी ज्यादा पसंद की जाती हैं।

उन्होंने उनके रचनात्मक प्रयासों में मदद के लिए अपने माता-पिता और उनकी फिल्म के निर्माताओं को श्रेय दिया।

1965 से अब तक 50 फिल्में बना चुके विश्वनाथ को सामाजिक विषयों के इर्दगिर्द फिल्में बनाने के लिए जाना जाता है।

विश्वनाथ को 1992 में पद्मश्री सम्मान सहित कई पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है।

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