BSF को मिली 51 साल के इतिहास में पहली महिला


इतिहास रचते हुए राजस्थान की तनुश्री पारीक (25) कॉम्बेट (युद्ध) अधिकारी ने तौर पर 25 मार्च को BSF का हिस्सा बन गईं। भारत की सरहद की निगहबानी करने वाले देश के सबसे बड़े अर्ध-सैनिक बल के 51 साल के इतिहास में लड़ाकू भूमिका के लिए कमीशन पाने वाली वह पहली महिला हैं। उन्हें पंजाब में भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनाती मिली है। उनका पद असिसटेंट कमांडेंट का होगा।




बीकानेर की तनुश्री ने टेकनपुर में 67 प्रशिक्षु अधिकारियों की पासिंग आउट परेड का भी नेतृत्व किया। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने परेड की सलामी ली। तनुश्री यूपीएससी द्वारा 2014 में कराई गई अखिल भारतीय परीक्षा में अधिकारी के पद के लिए चयनित हुईं थीं। गृहमंत्री ने खुद तनुश्री के कंधे पर रैंक स्टार लगाए। बीएसएफ ने 2013 में पहली बार महिलाओं को बल में शामिल करना शुरू किया था।

राजनाथ ने 2.5 लाख जवानों वाले बल की पहली महिला 'फील्ड अधिकारी' की जमकर प्रशंसा की। 52 हफ्ते के कड़े प्रशिक्षण के बाद बल का हिस्सा बनने वाले 67 युवाओं में से 51 सीधे असिसटेंट कमांडेंट बनेंगे जबकि शेष अन्य को प्रमोशन के बाद अधिकारी रैंक मिलेगा।

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