तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता का निधन





तमिलनाडु की मुख्यमंत्री, एआईएडीएमके प्रमुख और देश की ताकतवर महिला राजनेताओं में शुमार जे. जयललिता 'अम्मा' का चेन्नई के अपोलो अस्पताल में 5 दिसंबर को उनकी हृदयगति रुक जाने से निधन हो गया। वह 68 वर्ष की थीं और पिछले करीब 3 माह से अस्पताल में भर्ती थीं।

जयललिता जयराम राज्य की एक लोकप्रिय नेता थीं, जिन्होंने अपने लोकलुभावन कार्यक्रमों से गरीबों का दिल जीता और पिछले तीन दशक से प्रदेश की राजनीति में एक ध्रुव थीं। उनको रविवार शाम को दिल का दौरा पड़ा था और तभी से उनकी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई थी। त

उनके निधन की घोषणा के दो घंटे बाद ओ पनीरसेल्वम को राजभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। पूर्ववर्ती जयललिता मंत्रिमंडल के सभी मंत्रियों को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। पनीरसेल्वम दो बार पहले भी जयललिता की जगह पर मुख्यमंत्री बने थे, जब उन्हें भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी ठहराया गया था। गत सितंबर में अपोलो अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद जयललिता के पास जिन विभागों का प्रभार था उन्हें राज्य के वित्तमंत्री के तौर पर पनीरसेल्वम को सौंपा गया था।


जे. जयललिता : एक परिचय
तमिलनाडु की राजनीति में 'अम्मा' के नाम से मशहूर जयललिता का जन्म 24 फरवरी, 1948 को एक रूढ़िवादी तमिल ब्राह्मण परिवार में हुआ था। जन्म के समय जयललिता को उनकी दादी का नाम कोमलावल्ली दिया गया था। छह बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री रहीं जयललिता को शुरुआती लोकप्रियता एक नेता के तौर पर नहीं बल्कि ऐक्ट्रेस के तौर पर मिली थी। जयललिता ने चेन्नै में क्लासिकल म्यूजिक, वेस्टर्न क्लासिकल पियानो और कई तरह के क्लासिकल डांस की ट्रेनिंग ली थी। तमिल सिनेमा में नाम कमा चुकीं जयललिता का राजनीतिक करियर 1982 में शुरू हुआ। दक्षिण भारत की राजनीति के आइकॉन और AIADMK के संस्थापक मरुदुर गोपालन रामचंद्रन (MGR) 1982 में इस खूबसूरत हिरोइन को राज्य की राजनीति में लेकर आए थे।

1987 में एमजीआर की मृत्यु ने तमिलनाडु की राजनीति के साथ-साथ AIADMK के भीतर भी भूचाल ला दिया। पार्टी जयललिता और एमजीआर की पत्नी जानकी रामचंद्रन के बीच दो हिस्सों में टूट गई। वर्चस्व की यह लड़ाई इतनी भयानक हुई कि जयललिता को उनके राजनीतिक अभिभावक एमजीआर के अंतिम संस्कार में शामिल भी नहीं होने दिया गया।

AIADMK में कई उतार-चढ़ाव के बाद भी जयललिता तमिलनाडु की राजनीति में कद्दावर नेता बनकर उभरीं। जयललिता 1991 में पहली बार कांग्रेस की मदद से तमिलनाडु की सबसे कम उम्र की मुख्यमंत्री बनीं। इसके बाद जयललिता ने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2016 के विधानसभा चुनावों में जयललिता ने सत्ता परिवर्तन की परिपाटी को ध्वस्त कर दिया था और जयललिता के नेतृत्व में AIADMK ने कांग्रेस और डीएमके के गठबंधन को धूल चटा 134 सीटें जीतने में सफलता पाई थी। जीत के बाद जयललिता छठी बार राज्य की मुख्यमंत्री बनी थीं।

Comments & Contact Form

Name

Email *

Message *