रियो ओलंपिक 2016 : साक्षी मलिक ने जीता कांस्य पदक


23 साल की साक्षी मलिक ने 17 अगस्त को रियो ओलिंपिक में 58 किलोग्राम भारवर्ग फ्रीस्टाइल कुश्‍ती में कांस्‍य पदक हासिल कर इतिहास रच दिया है। इसी के साथ रियो ओलिंपिक में भारत के लिए पदक जीतने वाली पहली भारतीय भी बन गई हैं। उन्‍होंने किर्गिजिस्तान की आइसुलु तिनिबेकोवा को अंकों के आधार पर 8-5 से हराकर कांस्य पदक जीता। 5-0 से पिछड़ रहीं साक्षी ने आखिरी डेढ़ मिनट में पासा पलट दिया और कांस्य पदक अपने नाम किया।

इससे पहले साक्षी मलिक रियो ओलंपिक के 12वें दिन फ्रीस्टाइल स्पर्धा के 58 किलोग्राम भारवर्ग के क्वार्टरफाइनल में हार गईं। इसी के साथ उनसे गोल्ड या सिल्वर मेडल की भारत की उम्मीदें भी टूट गईं। हालांकि रेपचेज में उन्हें मौका मिल गया और वे कांस्य जीतने में सफल रहीं।

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साल 2015 में हुए एशियन चैम्पियनशिप में पोडियम फिनिश करने वाली साक्षी ओलम्पिक में कुश्ती में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं।

ओलिंपिक पदक जीतने वाली चौथी भारतीय महिला एथलीट 
इस जीत के साथ ही साक्षी ओलिंपिक मेडल हासिल करने वाली चौथी भारतीय महिला एथलीट हो गई हैं। इससे पहले कर्णम मल्‍लेश्‍वरी, मैरी कॉम और साइना नेहवाल ने ओलिंपिक में मेडल हासिल किए हैं।

पुरस्कारों की बारिश
 – 2.5 करोड़ रुपये हरियाणा सरकार देगी
 – 60 लाख रुपये रेलवे में सीनियर क्लर्क साक्षी को रेल मंत्रालय देगा, उत्तर रेलवे में सीनियर क्लर्क साक्षी अब ऑफिसर ग्रेउ में आ जाएंगी
 – 20 लाख रुपये खेल मंत्रालय की विशेष पुरस्कार योजना के तहत मिलेंगे
 – 20 लाख रुपये भारतीय आलंपिक संघ की ओर से मि​लेंगें
 – 03 लाख रुपये मिलेंगे रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड के तहत, यूपी के सीएम अखिलेश ने की घोषणा
 – 01 लाख एक हजार रुपये रियो में हिस्सा लेने वाले हर खिलाड़ी को देने का एलान सलमान खान ने किया है

साक्षी मलिक : एक परिचय
साक्षी मलिक का जन्म 3 सितम्बर, 1992 को हुआ था। पिता सुखबीर मलिक दिल्ली ट्रांसपॉर्ट कॉर्पोरेशन में कार्यरत हैं तथा उनकी मां भी सरकारी कर्मचारी हैं। साक्षी को 12 साल की उम्र से ही कुश्ती में दिलचस्पी थी। 2004 में उन्होंने ईश्वर दहिया का अखाड़ा जॉइन किया। फिलहाल दहिया का अखाड़ा छोटू राम स्टेडियम में है।

साक्षी ने 2010 में जूनियर विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। साल 2014 में उन्होंने सीनियर लेवल पर डेव शुल्ज अंतर्राष्ट्रीय रेसलिंग टूर्नमेंट में अमेरिका की जेनिफर पेज को हराकर 60 किग्रा में स्वर्ण पदक जीता। उसी साल हुए ग्लासगो कॉमनवेल्थ खेलों में 58 किग्रा वर्ग में साक्षी ने रजत पदक जीता था।

साक्षी ने इसके बाद साल 2015 में दोहा में हुई सीनियर एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में 60 किग्रा में कांस्य पदक जीता था। जुलाई 2016 में उन्होंने स्पेनिश ग्रैंड प्रिक्स में कांस्य पदक जीतकर रियो ओलिंपिक के लिए दावेदारी पेश की ​थी।

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