पीवी सिंधू ने रियो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतकर रचा इतिहास


21 साल की स्टार महिला शटलर पीवी सिंधु ने 19 अगस्त को रियो ओलंपिक्स 2016 में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। वह ओलंपिक्स में रजत पदक जीतने वाली देश की पहली बैडमिंटन खिलाड़ी व पहली महिला एथलीट बन गई हैं।

ओलिंपिक 1896 से खेले जा रहे हैं। भारत 1924 से ओलिंपिक में महिला एथलीट्स भेज रहा है। उस लिहाज से सिंधू 92 साल में सिल्वर जीतने वाली पहली महिला हैं। वे ओलिंपिक मेडल जीतने वाली सबसे कम उम्र की एथलीट भी बन गई हैं।

रियो सेंट्रो पवेलियन के कोर्ट 1 पर खेले गए महिला सिंगल्स के फाइनल मैच में सिंधु को विश्व की नंबर एक शटलर स्पेन की कैरोलिना मरीन से 21-19, 12-21, 15-21 से शिकस्त झेलना पड़ी।

सिंधु ने पहले गेम के इंटरवल तक 6-11 से पिछड़ने के बाद दमदार वापसी की और पहला गेम 21-19 से जीता। सिंधु के पहला गेम जीतने पर कैरोलिना मरीन पूरी तरह हैरान रह गई। सिंधु ने गजब के हाफ स्मैश और ड्रॉप शॉट खेले। उन्होंने मरीन को बैक लाइन पर भेजकर काफी परेशान किया और गेम अपने नाम किया।

दूसरे सेट में विश्व की नंबर 1 शटलर मरीन ने अपनी योग्यता के अनुरूप प्रदर्शन किया और सिंधु को वापसी का कोई मौका नहीं दिया तथा गेम 21-12 से आसानी से जीता।

निर्णायक सेट में सिंधु की शुरुआत ख़राब रही और वो 2-6 से पिछड़ रही थी। हालांकि उन्होंने दमदार वापसी की और स्कोर 10-10 से बराबर कर दिया। दोनों शटलरों के बीच तगड़ा मुकाबला खेला जा रहा था, लेकिन मरीन ने लय हासिल करते हुए गजब का प्रदर्शन किया और बढ़त 20-14 की कर ली। सिंधु ने एक अंक और लिया, लेकिन मरीन ने जोरदार स्मैश मारकर मैच व स्वर्ण पदक अपने नाम हासिल किया।

पीवी सिंधु : एक परिचय
सिंधू ने 8 वर्ष की उम्र में खेलना शुरू किया। 18 की उम्र में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में ब्रॉन्ज जीतकर लाईं। इसी उम्र में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड मिला। 20 में वे पद्मश्री के लिए चुनी गईं और 21 की उम्र में ओलिंपिक मेडल जीतकर लाई हैं।

ओलिंपिक मेडल जीतने वाली भारत की पांचवीं महिला
- कर्णम मल्लेश्वरी: वेटलिफ्टिंग: ब्रॉन्ज: 2000
- मैरी काॅम: बॉक्सिंग: ब्रॉन्ज: 2012
- साइना नेहवाल: बैडमिंटन: ब्रॉन्ज: 2012
- साक्षी मलिक: रेसिलंग: ब्रॉन्ज: 2016
- पीवी सिंधू: बैडमिंटन: सिल्वर: 2016

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