कुडनकुलम परमाणु बिजली संयंत्र राष्ट्र को समर्पित


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने 10 अगस्त, 2016 को कुडनकुलम स्थित परमाणु बिजली संयंत्र-1 राष्ट्र को समर्पित किया। यह एक हजार मेगावाट क्षमता वाला संयंत्र विश्व का सबसे सुरक्षित परमाणु संयंत्र है। कुडनकुलम परियोजना तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले में स्थित है।

गौरतलब हो कि रूसी तकनीक से बना यह प्लांट वर्ष 2014 से कार्यरत है। इसमें 1,000 मेगावॉट बिजली पैदा होती है, जिसमें आधी तमिलनाडु को दी जा रही है। तमिलनाडु में तिरुनेलवेली जिले के कुडनकुलम में भारत की आणविक ऊर्जा प्लांट संचालक न्यूक्लियर पॉवर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया 1,000 मेगावॉट के दो रूसी रिएक्टर स्थापित कर रही है।

कुडनकुलम में इन रिएक्टरों की स्थापना भारतीय परमाणु ऊर्जा कॉरपोरेशन और रूस की आणविक नियामक संस्था रोसाटॉम की एक सहायक इकाई संयुक्त रूप से कर रहे हैं। इस समझौते पर 1988 में भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी तथा तत्कालीन सोवियत संघ के राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचोव ने हस्ताक्षर किए थे, लेकिन सोवियत संघ के विघटन के बाद उत्पन्न हुए हालात की वजह से यहां निर्माण कार्य वर्ष 1999 में शुरू हो पाया।

कुडनकुलम परियोजना से तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश तथा केरल सहित कई राज्यों को बिजली आपूर्ति किए जाने की संभावना है। फिलहाल यहां कम से कम दो और रिएक्टर बनाए जाने की योजना है।

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