पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पी. ए. संगमा का निधन

पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और सांसद पी.ए. संगमा का 4 फरवरी, 2016 को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 69 साल के थे। साल 1996 में संयुक्त मोर्चा की सरकार के समय लोकसभा के अध्यक्ष रहे संगमा प्रणव मुखर्जी के खिलाफ राष्ट्रपति का चुनाव लड़े थे। संगमा 11वीं लोकसभा में स्पीकर चुने गए थे। वह वर्तमान लोकसभा के सदस्य थे।

पी.ए. संगमा : एक परिचय
पी.ए. संगमा का जन्म 1 सितंबर, 1947 को मेघालय में हुआ था। उन्होंने शिलांग से स्नातक और फिर असम के डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की उपाधि ली। इसके बाद उन्होंने LLB भी की। 1977 में वे पहली बार सांसद बने। 14वीं लोकसभा तक लगातार वे नौ बार जीत दर्ज कराते रहे। 1988 से 1991 तक वे मेघालय के मुख्यमंत्री भी रहे। वे 1996 से 1998 तक लोकसभा स्पीकर तथा केंद्रीय मंत्रिमंडल में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया।

संगमा ने गरीबों और समाज के वंचित वर्गों के कल्याण के लिए काम किया। उन्होंने तीन किताबें भी लिखीं।

सोनिया गांधी के नेतृत्व को चुनौती देने के कारण उन्हें शरद पवार और तारिक अनवर के साथ कांग्रेस पार्टी से 1999 में निकाल दिया गया था। संगमा नैशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से थे, हालांकि बाद में शरद पवार से मतभेदों के चलते उन्होंने अलग पार्टी नैशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) बना ली थी। वाजपेयी सरकार के समय गठित किए गए संविधान समीक्षा आयोग में भी संगमा एक सदस्य थे।

उन्होंने राष्ट्रपति पद के लिए भी चुनाव लड़ा था हालांकि वह इसमें हार गए थे। पीए संगमा की बेटी अगाथा भी सांसद थी।

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