पूर्व लोकसभा स्पीकर बलराम जाखड़ का निधन

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा के पूर्व स्पीकर बलराम जाखड़ (Balram Jakhar) का आज 3 फरवरी को दिल्ली में निधन हो गया। वह 92 वर्ष के थे। बलराम जाखड़ पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंहा राव की कैबिनेट में कृषि मंत्री थे और 30 जून, 2004 से 30 मई, 2009 तक मध्य प्रदेश से राज्यपाल भी रहे।

लगातार दो बार लोकसभा स्पीकर रहने का रिकॉर्ड
23 अगस्त, 1923 को पंजाब राज्य के फिरोजपुर जिले में पंचकोसी गांव में जन्मे डॉ. बलराम जाखड़ को लगातार दो बार सर्वसम्मति से लोकसभा स्पीकर चुने जाने के लिए याद किया जाता है। वह एक किसान से राजनीतिज्ञ बने थे। वह सातवीं लोकसभा में निर्वाचन के तुरंत बाद लोकसभा अध्यक्ष के लिए चुने गए थे। डॉ. जाखड़ को अंग्रेजी, संस्कृत, हिन्दी, उर्दू और पंजाबी का गहन ज्ञान था।

राजनीतिक सफर
डॉ. जाखड़ ने साल 1972 में पंजाब विधान सभा से चुने गए। विधान सभा के लिए उनके निर्वाचन के एक वर्ष के भीतर ही उन्हें सहकारिता, सिंचाई और विद्युत उपमंत्री के रूप में मंत्रिपरिषद में शामिल कर लिया गया। वह वर्ष 1977 तक मंत्री रहे। वर्ष 1977 में विधान सभा के लिए पुनः निर्वाचित होने पर उन्हें कांग्रेस (इ.) विधान मंडल पार्टी के नेता के रूप में चुन लिया गया और उस हैसियत से उन्हें पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता प्राप्त हुई। इस पद पर वह जनवरी 1980 में तब तक रहे जब उन्हें फिरोजपुर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से सातवीं लोक सभा के लिए चुना गया।

जाखड़ को 22 जनवरी, 1980 को सातवीं लोक सभा का अध्यक्ष निर्वाचित किया गया। उन्होंने सदन की कार्यवाही का जिस तरीके से चलाई उसकी सराहना हुई। दिसम्बर 1984 के आम चुनाव में वह फिर राजस्थान के सीकर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीते और फिर उन्हें आठवीं लोकसभा का अध्यक्ष निर्वाचित किया गया।

भारतीय संसद में समिति प्रणाली को नया रूप देने में जाखड़ ने अहम प्रयास किए। इसके अलावा संसद सदस्यों के लिए सेवाओं के कम्प्यूटरीकरण तथा स्वचालन प्रणाली की शुरूआत भी जाखड़ के अध्यक्ष रहते हुए ही हुई थी। उन्होंने सदस्यों के हित के लिए संसदीय ग्रंथालय और इसकी शोध, सन्दर्भ, प्रलेखन और सूचना सेवाओं के विस्तार में भी रूचि दिखाई।

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