स्वेदशी INS कदमत्त नौसेना में शामिल

बेहद चालाकी से दुश्मन की पनडुब्बी पर वार करने में सक्षम स्वदेश में विकसित पनडुब्बी-निरोधक जंगी पोत (एएसडब्लू) आईएनएस कदमत्त को 7 जनवरी, 2015 को नौसेना के हवाले कर दिया गया। इस युद्धपोत का निर्माण यहां के नौसेना डॉकयार्ड में मेमर्स गार्डन रीच शिपयार्ड्स एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड (जीआरएसई) ने यहां नौसैनिक गोदी में किया है। आईएनएस कदमत्त अपने तरह का दूसरा युद्धपोत है, जिसका निर्माण देश में किया गया है।

इस मौके पर नौसेना प्रमुख एडमिरल आरके धवन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया अभियान के तहत भविष्य में नौसेना युद्धपोत सहित सभी तरह के जहाजों का निर्माण करेगी।

नौसेना प्रमुख ने कहा कि इस पोत की विशेषता यह है कि इसके उत्पादन को ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी बनाया गया है। इस पोत का करीब 90 फीसद हिस्सा स्वदेशी है। इसका डिजाइन नौसेना की आंतरिक संस्था डायरेक्टोरेट ऑफ नेवल डिजाइन ने तैयार किया है, जबकि इसका निर्माण कोलकाता की गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड ने किया है। ‘शिवालिक’ श्रेणी, ‘कोलकाता’ श्रेणी और ‘आइएनएस कामोर्ता’ के बाद ‘कदमत्त’ नवीनतम स्वदेशी पोत है जिसमें किसी अभियान से जुड़ी एक साझा तस्वीर (कॉमन ऑपरेशनल पिक्चर) मुहैया कराने के लिए कई हथियारों और सेंसरों को जोड़ा गया है। इस पोत में कई अत्याधुनिक उपकरण हैं जिनमें रेल-लेस हेलो पारगमन प्रणाली और एकीकृत एएसडब्लू, हेलीकॉप्टर के लिए मोड़ने लायक हैंगर दरवाजा शामिल है। इससे न केवल पोत की हमलावर क्षमता बढ़ती है बल्कि संवेदनशील चीजों का पता लगाने की उसकी सामर्थ्य भी बढ़ती है।

आइएनएस कदमत्त पर 13 अधिकारी और 180 नाविक तैनात होंगे। कमांडर महेश चंद्र मुद्गिल इसके पहले कमांडिंग अधिकारी होंगे। पूर्वी नौसैनिक कमान के तहत पूर्वी बेड़े का यह एक अभिन्न हिस्सा होगा। एक एएसडब्लू पोत के रूप में यह अपने पूर्ववर्ती आइएनएस कदमत्त (पी 78) की विरासत को आगे बढ़ाएगा। आइएनएस कदमत्त (पी 78) ने 23 दिसंबर, 1968 से 30 नवंबर, 1992 तक करीब 24 साल नौसेना को अपनी सेवाएं दीं।

आईएनएस कदमत्त : महत्वपूर्ण तथ्य
– युद्धपोत में 90 फीसदी कलपुर्जे स्वदेश निर्मित
– शिवालिक, कोलकाता और आईएनएस कमोर्टाके बाद सबसे बड़ा स्वेदशी पोत
– इसमें एएसडब्ल्यू हेलीकॉप्टर के लिए फोल्डेबल हैंगर डोर लगे हैं
– इसका वेपन्स और सेंसर सूट पूरी तरह से स्वदेशी
– इसमें 3डी मीडियम रेंज का एयर व सर्फेस राडार लगा है
– इसपर एंटी सबमरीन हेलीकॉप्टर की तैनाती की जा सकती है
– इस युद्धपोत पर 13 अधिकारी और 180 नाविक तैनात होंगे

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