भारत और फ्रांस के बीच हुए 16 समझौते

फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के आगमन पर 24 जनवरी को चंडीगढ़ में भारत और फ्रांस के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के 16 करार किए गए। जिनमें महिंद्रा समूह और यूरोपीय विमान कंपनी एयरबस समूह के बीच भारत में हेलीकॉप्टर विनिर्माण के साझा उद्यम का समझौता और स्मार्ट सिटी से जुड़े तीन करार शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति की उपस्थिति में हुए इन समझौतों में शहरी विकास, शहरी परिवहन, जल व कचरा शोधन और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों से जुड़े समझौते भी शामिल हैं। इनमें आतंकवाद निरोधी, सुरक्षा एवं असैन्य परमाणु उर्जा में सहयोग को प्रमुखता दी गई है।

एयरबस समूह व महिंद्रा के बीच समझौता 'मेक इन इंडिया' पहल का ही एक हिस्सा है। इस पर भारत में एयरबस ग्रुप अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक पियरे डी बासेट और महिंद्रा एयरोस्पेस के समूह अध्यक्ष प्रकाश शुक्ला ने हस्ताक्षर किए। स्मार्ट सिटी पहल के तहत हुए तीन समझौतों में फ्रांस की विकास एजेंसी एएफडी चंडीगढ़, नागपुर और पुडुचेरी के विकास के लिए सबंधित सरकारों की मदद करेगी। उद्योग मंडल सीआईआई के अध्यक्ष सुमित मजूमदार के अनुसार ये समझौते तकनीकी सहायता के लिए और इसके तहत फ्रांस के शहरी विकास क्षेत्र विशेषज्ञ इन शहरों में तैनात रहेंगे।

भारत के एसआईटीएसी ग्रुप और फ्रांस के ईडीएफ एनर्जी नावेलेस कंपनी के बीच भी संयुक्त उद्यम संबंधी समझौता किया गया। इसके तहत फ्रांसीसी कंपनी गुजरात में स्थानीय कंपनी के नवीकरणीय ऊर्जा कारोबार में आधी हिस्सेदारी खरीदेगी। यह करार 15.5 करोड़ यूरो का है। इसके तहत 142 मेगावाट सौर बिजली उत्पादित होगी।

इस दौरान फ्रांस की परमाणु व वैकल्पिक ऊर्जा एजेंसी सीईए और क्रांप्टन ग्रीव्ज (सीजी) के बीच भी आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। यह करार दोनों देशों के उद्यमियों की बैठक के दौरान हुए। इसके तहत दोनों कंपनियां भारत में हवाई अड्डों पर सौर पाल व सौर ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं तलाशेंगी और सहयोग करेंगी।

इसके अलावा फ्रांस की नौ कंपनियों ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंजीनियरिंग प्रोजेक्टस इंडिया (ईपीआई) लिमिटेड के साथ नई प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग संबंधी समझौते किए। इन कंपनियां में एलस्ताम ट्रांसपोर्ट, सीएएन, दसाल्त, ईडीएफ एनर्जी नोवेलस, एजिस, लयूमीप्लान, पोमागल्सकी, श्नाइडर इलेक्ट्रिक व थेलेस शामिल हैं।

भारत-फ्रांस दोस्ती 
पारंपरिक तौर पर भारत और फ्रांस दोस्त रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार की रिश्ता कई सौ साल पुराना है। 17वीं शताब्दी से 1954 तक फ्रांस की औपनिवेशिक उपस्थिति पुडुचेरी में रही है। फ्रांस के पर्यटकों की पसंदीदा जगह है। 1780 के दशक में ईस्ट इंडिया कंपनी के विरुद्ध लड़ाई लड़ने में फ्रांस की सेना ने मैसूर की मदद की थी। यह वही 35वीं इन्फैंट्री थी जो 1604 में बनी थी और 67वें गणतंत्र दिवस पर परेड में शामिल हो रही है। 2009 में फ्रांस ने भारत के तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह को बास्तिल डे का मुख्य अति​थि बनाया था।

भारत-फ्रांस की अहम साझीदार 
जब भारत से न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप की बंदिशें हटी थीं तो फ्रांस ही वह पहला देश था जिसने भारत के साथ सबसे पहले परमाणु समझौता किया था और महाराष्ट्र के जैतापुर में परमाणु पार्क बनाने में सहयोग करने पर अपनी सह​मति दी थी। पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस यात्रा के दौरान साझा बयान में फ्रांस ने कहा था कि वह भारत में दो अरब यूरो (लगभग 2.15 अरब डॉलर) का निवेश करेगा और भारत में स्मार्ट शहरों के निर्माण में मदद करेगा।

भारत-फ्रांस के अंतरिक्ष सहयोग
इसरो और फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसी सीएनईएस में 1993 से समझौता है। इसरो ने फ्रांस के स्पॉट-6 और स्पॉट-7 उपग्रहों को पीएसएलवी से 2013 और 2014 में लांच किया। एप्पल उपग्रह लांच होने के बाद से एरिअनस्पेस् ने 18 भारतीय उपग्रहों को लांच किया है।


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