अफगानिस्तान की नई संसद भारत ने तैयार की

अफगानिस्तान में लोकतंत्र को भारत की प्रतीकात्मक भेंट, यहां का नया संसद भवन बनकर लगभग तैयार है। भारत की मदद से बनने वाली इस संसद का उद्घाटन आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी करेंगे। भारत के प्रमुख सरकारी स्वामित्व वाली निर्माण एजेंसी केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) इस महीने के अंत में अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में नए संसद भवन के निर्माण का कार्य पूरा कर लेगी।

इस परियोजना को वर्ष 2007 में भारत की यूपीए सरकार द्वारा भारत—अफगान मैत्री के अंतर्गत आंरभ किया गया था और निर्माण कार्य 2009 में प्रारंभ हुआ था करीब 84 एकड़ क्षेत्रफल में निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए तीन साल की समय सीमा निर्धारित की गई थी किंतु अब छह सालों बाद यह निर्माण कार्य पूरा होने पर है। पाक के प्रमुख अखबार डॉन ने इसे 'मेड बाया इंडिया' के शीर्षक से जगह दी है।

इस भवन के निर्माण पर 4 करोड़ 50 लाख डॉलर का खर्च आना था। लेकिन, बाद में यह बढ़कर 9 करोड़ डॉलर हो गया। इस भवन का डिजाइन मुगल और आधुनिक स्थापत्य कला पर आधारित है। इसका गुंबद एशिया का सबसे बड़ा गुंबद होगा।

एशिया से सबसे बड़ा होगा संसद का गुंबद 
अफगानिस्तान की नई संसद को बनाने में मुगल और आधुनिक स्थापत्य शैलियों का इस्तेमाल किया गया है। माना जा रहा है कि इसका गुंबद एशिया का सबसे बड़ा गुंबद होगा। जो कि इसकी खासियत होगा। यह ऐतिहासिक सुल्तान महल 'दारुलअमन' और बेगम महल के बीच स्थित है। इमारत में 294 लोगों के बैठने की क्षमता वाला वोलेसी जिरगा (निचला सदन) व 190 सीटों वाला मेशरानी जिरगा (उच्च सदन) के अलावा बड़ी सी लॉबी, कार्यालय सम्मेलन हॉल, भोजन कक्ष, समाचार कक्ष समेत कई अन्य कक्ष होंगे।


नई संसद के महत्वपूर्ण तथ्य
— अफगानिस्तान की इस नई संसद में सुरक्षा के लिहाज से कई तरह की सुविधाएं मौजूद होंगी।
— भवन मुख्य रूप से चार भागों में विभातिज होगा। लोक सभा (House of People), ऑफिसर्स, एंट्रेंस लॉबी और सीनेट हॉल।
— इस भवन निर्माण में आधुनिक और मुगलकालीन वास्तुकला का प्रयोग किया जा रहा है।
— इस भवन के दो गुंबदों में से एक गुबंद तांबे का होगा जिसका व्यास 32 मीटर है और 17.15 मीटर की ऊंचाई है। यह गुंबद मुख्य एसेंबली हॉल के ठीक उपर है। संसद ब्लॉक में भू—तल को छोड़कर तीन मंजिलें होंगी।
— इस नई संसद भवन के मुख्य हॉल में 256 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। साथ ही 38 अन्य लोगों के बैठने की व्यवस्था है। दोनों सदनों के विशेष बैठक के लिए अतिरिक्त इंतजाम किया गया है। वहीं सीनेट हॉल में 120 सदस्यों के बैठने की व्‍यवस्‍था की गई है।

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