राज्य पुनर्गठन आयोग-जानिए अबतक के राज्यों का गठन

भारत सरकार ने भारत की स्वतंत्रता के बाद अंग्रेजी राज के दिनों के 'राज्यों' को भाषा के आधार पर पुनर्गठित करने के लिये राज्य पुनर्गठन आयोग (States Reorganisation Commission) की स्थापना की थी।। न्यायाधीश फजल अली की अध्यक्षता में 22 दिसम्बर, 1953 को पहले राज्य पुनर्गठन आयोग का गठन हुआ। इस आयोग के तीन सदस्य जस्टिस फजल अली, हृदयनाथ कुंजरू और केएम पाणिक्कर थे। इस आयोग द्वारा 30 सितंबर, 1955 को अपनी रिपोर्ट सौपें जाने के बाद ही 1956 में नए राज्यों का निर्माण हुआ और 14 राज्य व 6 केन्द्र शासित राज्य बने।

भारत की स्वतंत्रता के बाद से अब तक हुए राज्यों के पुनर्गठन पर एक नजर–
आन्ध्र प्रदेश : आन्ध्र प्रदेश राज्य अधिनियम, 1953 द्वारा मद्रास राज्य के कुछ भागों को काटकर बनाया गया।
गुजरात और महाराष्ट्र : मुंबई (पुनर्गठन) अधिनियम, 1960 के द्वारा मुम्बई राज्य को दो राज्यों महाराष्ट्र और गुजरात में विभाजित कर दो अलग-अलग राज्य बनाये गये।
केरल : राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 द्वारा त्रावणकोर एवं कोचीन क्षेत्रों को मिलाकर बनाया गया।
कर्नाटक : राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 द्वारा मैसूर राज्य गठित। 1973 में इसका नाम बदलकर कर्नाटक कर दिया गया।
10वें संविधान संशोधन 1961 के द्वारा दादरा और नागर हवेली संघ राज्य क्षेत्र घोषित।
12वें संविधान संशोधन 1962 द्वारा गोवा, दमण और दीव को संघ राज्य क्षेत्र घोषित।
14वें संविधान द्वारा पांडिचेरी संघ राज्य क्षेत्र घोषित।
नगालैंड : नगालैंड राज्य अधिनियम, 1962 द्वारा असम के कुछ क्षेत्र को काटकर बनाया गया।
हरियाणा : पंजाब (पुनर्गठन) अधिनियम, 1966 द्वारा पंजाब से अलग कर हरियाणा राज्य निर्मित।
मद्रास राज्य (नाम परिवर्तन) अधिनियम, 1968 द्वारा म्रदास का नाम परिवर्तित होकर तमिलनाडु हो गया।
हिमाचल प्रदेश : हिमाचल प्रदेश राज्य अधिनियम, 1970 द्वारा केन्द्र शासित प्रदेश हिमाचल को राज्य का दर्जा प्रदान किया गया।
मेघालय : 23वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1969 द्वारा पहली बार असम के उप-राज्य के रूप में मेघालय का गठन। 1971 में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र अधिनियम 1971 द्वारा मेघालय को राज्य का दर्जा प्रदान किया गया।
मणिपुर एवं त्रिपुरा : उत्तर-पूर्वी अधिनियम, 1971 द्वारा दोनों केंद्रशासित प्रदेशों को राज्य का दर्जा प्रदान किया गया
लक्कादीव, मिनिकोय और अमीनदीवी द्वीपसमूह का नाम 1973 में 'लक्षद्वीप' कर दिया गया।
सिक्किम : 35वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1974 द्वारा पहले सिक्किम को सहायक राज्य का दर्जा प्रदान किया गया। 36वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1975 द्वारा इसे पूर्ण राज्य का दर्जा प्रदान​ किया गया।
मिजोरम : इसे मिजोरम राज्य अधिनियम, 1986 के द्वारा पूर्ण राज्य का दर्जा प्रदान किया गया।
अरुणाचल प्रदेश : इसे अरुणाचल प्रदेश राज्य अधिनियम, 1986 द्वारा पूर्ण राज्य का दर्जा प्रदान किया गया।
गोवा : गोवा, मदन और दीव (पुनर्गठन) अधिनियम, 1987 द्वारा गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा प्रदान किया गया जबकि दमन और दीव को केंद्रशासित प्रदेश के रूप में ही रखा गया।
69वें संविधान संशोधन 1991 द्वारा दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र घोषित।
छत्तीसढ़ : इसे मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 द्वारा मध्य प्रदेश से अलग करके 1 नवंबर, 2000 को नया राज्य बनाया गया।
उत्तराखंड : उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम द्वारा उत्तर प्रदेश से अलग करके 9 नवंबर, 2000 को एक अलग राज्य बनाया गया।
झारखंड : इसे बिहार पुनर्गठन अधिनियम 2000 द्वारा 15 नवंबर, 2000 को बिहार से काट कर अलग राज्य बनाया गया।
तेलंगाना : आध्रं प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2014 द्वारा आध्रं प्रदेश से अलग करके 2 जून, 2014 को तेलंगाना राज्य बनाया गया।

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