अब दिल्ली में 15 दिन ही चला सकेंगे कार



दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा राष्ट्रीय राजधानी ​की तुलना गैस चैंबर से करने के बाद बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। जहरीली हवा का दंश झेल रही राजधानी दिल्ली में एक जनवरी से निजी वाहन (कार और बाइक) नंबर के हिसाब से केवल 15 दिन ही चलेंगे। अब एक दिन विषम (आॅड नंबर) संख्या और दूसरे दिन सम (ईवन नंबर) के वाहन सड़क पर चलेंगे। यानी महीने में अब सिर्फ 15 दिन ही लोग कार और बाइक चला सकेंगे। सनद रहे कि इस समय दिल्ली में 27,90,566 निजी कारें व 56,82,006 दो पहिया वाहन है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया। फिलहाल वीआइपी नंबर, इमरजेंसी नंबर, पीसीआर नंबर और दूसरी जरूरी सेवाओं वाली गाड़ियों को इस व्यवस्था के दायरे में लाने पर निर्णय लिया जाना बाकी है। इस योजना में डीटीसी बसों को भी शामिल किया जाएगा।

यह है फॉर्मूला
एक दिन सड़कों पर सिर्फ वही गाड़ियां चलेंगी, जिनकी नंबर प्लेट का आखिरी अंक 0, 2, 4, 6 और 8 होगा। ये गाड़िया सम (ईवन) नंबर की श्रेणी में आएंगी। जिन गाड़ियों की नंबर प्लेट का आखिरी अंक 1, 3, 5, 7 और 9 होगा वह सभी विषम (आॅड) श्रेणी में होंगी। इस तरह से जो वाहन सोमवार को चलेंगे उन्हें मंगलवार को सड़क पर उतरने की अनुमति नहीं होगी।

कब, कहां लागू किया गया यह नियम
मैक्सिको सिटी, साउ पालियो, कोस्टारिका, होंडारूस, इक्वाडोर, बीजिंग, पेरिस कोलंबिया आदि शहरों में सम एवं विषम नंबर प्लेट वाले गाड़ियों को अलग-अलग दिन चलाने की है व्यवस्था।

बीजिंग (चीन) : आकाश में अधिक धुंध होने के दौरान सम और विषम नंबर वाले निजी वाहनों की संख्या को अलग-अलग दिन बारी-बारी से चलाने की व्यवस्था

पेरिस (फ्रांस) : बिजली और हाईब्रिड कारों पर रोक नहीं। इसके अलावा जिन कारों में तीन या उससे ज्यादा लोग सवार होंगे उन पर रोक लागू नहीं। नियमों के सही क्रियान्वयन के लिए बीच-बीच में मुफ्त पार्किंग की व्यवस्था की जाती है।

जींद (हरियाणा) : शहर में ऑटो एक दिन सम और दूसरे दिन विषम नंबर के आधार पर चलाने की योजना लागू। स्कूली बच्चों को लाने व ले जाने वाले ऑटो रिक्शा पर नियम लागू नहीं। (1 दिसंबर, 2015 से लागू)

इटली : कई शहरों में अलग-अलग दिन कारें दिन में नहीं चलाई जाती हैं, बारी-बारी से विषम और सम नंबर वाले कारों के लिए सीमित पार्किंग की व्यवस्था होती है।

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