विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष अशोक सिंघल का निधन

विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक अशोक सिंघल का मंगलवार 17 नवम्बर को निधन हो गया है। वह 89 साल के थे और लंबे समय से सांस से संबंधि‍त बीमारी से ग्रसित थे। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें शुक्रवार देर रात अस्पताल में भर्ती किया गया था।

अशोक सिंघल : एक नजर
अशोक सिंघल का जन्म 1926 को आगरा में एक बड़े परिवार में हुआ था। उनके पिता एक सरकारी अधिकारी थे। विहिप नेता ने बनरास हिंदू यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट से 1950 में बैचलर की डिग्री ली थी। वह 1942 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हुए थे। हालांकि स्नातक के बाद उन्होंने पूर्णकालिक प्रचारक के रूप में काम करना शुरू किया। अपने कार्यकाल में वह दिल्ली और हरियाणा के प्रांत प्रचारक भी रहे।

साल 1980 में अशोक सिंघल को विश्व हिंदू परिषद में संयुक्त महासचिव नियुक्त किया गया। 1984 में वह इसके महासचिव बने और फिर अध्यक्ष बने। अशोक सिंघल अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर अपने आक्रामक तेवरों के लिए पहचाने जाते हैं।

1981 में तमिलनाडु के मीनाक्षीपुरम की एक घटना ने अशोक सिंघल के कामकाज के तरीके को बदल कर रख दिया। मीनाक्षीपुरम में ऊंची जातियों के व्यवहार से तंग आकर 400 दलितों ने इस्लाम धर्म अपना लिया। धर्म बदलने वालों की सबसे बड़ी शिकायत ये थी कि उन्हें मंदिरों में प्रवेश करने नहीं दिया जाता है। वीएचपी ने काफी समय में दलितों के लिए 200 से ज्यादा मंदिरों का निर्माण कराया। कहा जाता है कि मंदिर बनवाने में अशोक सिंघल ने बड़ी भूमिका निभाई।

कट्टर हिंदू नेता होने के अलावा अशोक सिंघल हिंदुस्तानी संगीत के प्रशिक्षित गायक भी थे। उन्होंने पंडित ओमकार नाथ ठाकुर से संगीत की शि‍क्षा ली थी।

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