साहित्य का नोबेल स्वेतलाना एलेक्सेविच को मिला

बेलारूस की स्वेतलाना अलेक्सीविच को साहित्य का नोबेल मिला

बेलारूस की जानी मानी 67 वर्षीय लेखिका स्वेतलाना एलेक्सीविच को साल 2015 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिया जायेगा। उन्हें उनकी कृतियों में पूर्व सोवियत संघ में लोगों की जिंदगी के वर्णन को लेकर इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया। साहित्य का नोबेल पुरस्कार पाने वाली वह 14वीं महिला हैं। स्वेतलाना को पुरस्कार के रूप में 9.72 लाख डॉलर यानी 6.27 करोड़ रुपए की धनराशि मिलेगी।

स्वीडिश एकेडमी ने पुरस्कार की घोषणा करते हुए कहा कि यह विविधता पूर्ण लेखन और हमारे समय की पीड़ा के स्मारक तथा साहस को दिया जा रहा है। स्वेतलाना एलेक्सीविच को प्रत्यक्षदर्शियों की जुबान से कहानी कहने के लिए जाना जाता है। इ​सलिए उनकी कृतियों को 'वॉयसेज ऑफ यूटोपिया' का नाम दिया गया है। इसमें पूर्व सोवियत संघ में लोगों के जीवन के अलावा 1986 के चेर्नोबिल परमाणु हादसे, अफगानिस्तान में रूस की ल़़डाई और दूसरे विश्व युद्ध का वर्णन किया गया है। उनकी किताबों का विश्व की कई भाषाओं में अनुवाद किया गया है और उन्हें कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले हैं। लेकिन विवादास्पद रूप से रूसी भाषा में लिखी उनकी किताबें उनके देश में प्रकाशित नहीं हुई। उनकी पहली किताब 'वार्स अनवोमैनली फेस' 1985 में प्रकाशित हुई। इसकी 20 लाख प्रतियां बिक चुकी हैं।

स्वेतलाना एलेक्सीविच बेलारूस की एक खोजी पत्रकार, पक्षी विज्ञान और लेखिका है। उनका जन्म 31 मई, 1948 को यूक्रेन में हुआ। उनके पिता बेलारूस के और मां यूक्रेन की थीं। 1962 में वह अपने माता पिता के साथ बेलारूस आ गईं और यहीं पर अपनी पढ़ाई पूरी की। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद स्वेतलाना ने पत्रकार व शिक्षिका के रूप में काम किया। इसी दौरान उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध, सोवियत-अफगान युद्ध, सोवियत संघ का पतन और चेर्नोबिल आपदा जैसे विषयों पर लिखा।

एलेक्सीविच ने सोवियत संघ का विघटन होने के अनुभवों पर 'एनचांटेड विथ डेथ' किताब लिखी। उनकी प्रमुख कृतियां है-वार्स अनवोमैनली फेस, जिंकी ब्यॉयज, वॉयसेज फ्रॉम चेर्नोबिल, द लास्ट विटनेसेज : द बुक ऑफ अनचाइल्डलाइक स्टोरीज और एनचांटेड विथ डेथ।

साहित्य नोबेल विजेता महिलाएं
सेल्मा ओटालिया लोविसा लाजरोफ (स्वीडन, 1909), गे्रजिया डेलेड्डा (इटली, 1926), सिगरिड उंडसेट (नॉर्वे, 1928), पर्ल एस. बक (अमेरिका, 1938), गेब्रिएला मिस्त्राल (चिली, 1945), नेली साक्स (स्वीडन--जर्मनी, 1966), नेडिन गोर्डिमर (दक्षिण अफ्रीका, 1991), टॉनी मोरिसन (अमेरिका, 1993), विसलावा जिमबोर्सका (पोलैंड, 1996), एल्फ्रीड जेलिनेक (ऑस्टि्रया, 2004), डोरिस लेसिंग (इंग्लैंड, 2007), हर्टा म्यूलर (जर्मनी--रूमानिया, 2009), एलिस मुनरो (कनाडा, 2013) और स्वेतलाना एलेक्सीविच (बेलारूस, 2015)।

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