मार्लोन जेम्स को 2015 का बुकर पुरस्कार

जमैका के लेखक मार्लोन जेम्स ने अपनी किताब 'ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ सेवन किलिंग्स' के लिए वर्ष 2015 का प्रतिष्ठित मैन बुकर पुरस्कार जीतकर अपने देश के लिए नया इतिहास बनाया है।

जेम्स को 13 अक्टूबर, 2015 को लंदन के गिल्डहाल में आयोजित एक समारोह में पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्होंने ब्रिटिश- भारतीय लेखक संजीव सहोता की 'द ईयर ऑफ रनवे' और चार अन्य अंतरराष्ट्रीय दावेदारों को पीछे छोड़ते हुए यह पुरस्कार जीता है।

जेम्स की ‘ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ सेवन किलिंग्स’ ने यह पुरस्कार पाने के लिए सहोता की पुस्तक ‘द ईयर ऑफ रनवेज’ और चार अन्य लेखकों की किताबों को पीछे छोड़ा है। जेम्स को उनके तीसरे उपन्यास के लिए यह पुरस्कार दिया गया है, जो 1970 के दशक में बॉब मार्ले की हत्या के प्रयास की वास्तविक जीवन की घटना से प्रेरित है।

साथ ही, ‘ब्रिटिश रॉयल मेल’ (डाक सेवा) ने विशेष डाक टिकट जारी कर जेम्स को सम्मानित किया है। 14 अक्टूबर को टिकट पूरे ब्रिटेनमें लाखों पत्रों पर लगाया गया। टिकट पर लिखा है, ‘‘मार्लोन जेम्स, 2015 मैन बुकर पुरस्कार के विजेता को बधायी।’’

जेम्स ने कहा कि पहला उपन्यास करीब 80 बार अस्वीकार होने के बाद उन्होंने लिखना लगभग छोड़ दिया था।

पुरस्कार चयन समिति के अध्यक्ष माइकल वुड ने 704 पन्नों में सिमटी इस कहानी को ‘‘सबसे अधिक रोमांचक’’ करार दिया और कहा कि यह हैरतंगेज घटनाओं से भरी हुई है।

यह दूसरा वर्ष है, जब मैन बुकर पुरस्कार, नागरिकता की बाध्यता के बगैर अंग्रेजी भाषा के सभी लेखकों के लिए खुला हुआ था।

पुरस्कार के लिए छाटी गई पुस्तकों के लेखकों को 2,500-2,500 पाउंड और उनकी पुस्तक का विशेष बाउंड संस्करण दिया गया। जबकि जीतने वाले लेखक को इसके अलावा 50,000 पाउंड का चेक दिया गया।

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