नेपाल बना धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य, संविधान लागू


सात वर्षों की जद्दोजहद के बाद नेपाल को अपना नया धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक और गणतंत्रात्मक संविधान मिल गया। राष्ट्रपति राम बरन यादव ने देश में नए संविधान को 20 सितम्बर से लागू होने का ऐलान कर दिया।

संविधान पारित होने से पहले सभा में संविधान के हरेक अनुच्छेदों पर वोटिंग कराई गई थी। संसद में मौजूद 532 सांसदों में से 507 सांसदों ने पूरे संविधान के मसौदे का समर्थन किया। नए संविधान का नेपाल की तीन बड़ी पार्टियों नेपाली कांग्रेस, सीपीएन-यूएमएल और यूसीपीएन-माओवादी ने समर्थन किया था। तभी से इसका पारित होना तय माना जा रहा था। वैसे भी संविधान सभा में इन तीन पार्टियों का बहुमत (475 सीटें) था।

नेपाल के नए संविधान के तहत राष्ट्रपति देश के राष्ट्राध्यक्ष होंगे, जबकि कार्यकारी शक्तियां प्रधानमंत्री के पास होंगी। वहीं, नेपाली हिंदुओं की पूजनीय गाय राष्ट्रीय पशु और रोडेन्ड्रॉन (बुरांश) राष्ट्रीय फूल होगा। नेपाल में अब सत्ता का विकेंद्रीकरण होगा। केंद्र में संघीय सरकार होगी जबकि प्रांतों में प्रांतीय सरकार होगी। जिला और ग्राम स्तर पर भी शासन व्यवस्था होगी। नए नियम के तहत संविधान के लागू होने के सात दिनों के भीतर नेपाली कांग्रेस के नेता सुशील कोइराला का स्थान लेने के लिए नए प्रधानमंत्री के चयन, 20 दिनों के भीतर नई संसद के अध्यक्ष के चुनाव और एक महीने के भीतर नए राष्ट्रपति के चुनाव का प्रावधान है। आरक्षण और कोटा व्यवस्था के जरिए वंचित, क्षेत्रीय और जातीय समुदायों के सशक्तीकरण की व्यवस्था की गई है। वहीं, मूल निवासियों, दलितों, अछूतों और महिलाओं के लिए स्थानीय प्रशासन, प्रांतीय और संघीय सरकार से लेकर हर स्तर पर आरक्षण का प्रावधान किया गया है। संविधान में तीसरे लिंग यानी थर्ड जेंडर को भी मान्यता दी गई है। सभी भाषाओं समेत जातीय भाषाओं को भी मान्यता दी गई है। नेपाली राष्ट्र की भाषा बनी रहेगी। जबकि दो सदनों वाली संसद, एकसदनीय विधानसभा और संघीय, प्रांतीय और जिला स्तरीय न्यायपालिका होगी।

भारत-नेपाल संबंध : एक दृष्टि में
• 2.89 करोड़ की आबादी में 81 फीसदी लोग हिंदू व बौद्ध
• 1.20 करोड़ जनसंख्या है मधेसी नागरिकों की
• 40 फीसदी से अधिक लोग गरीबी रेखा से नीचे
• करीब साठ लाख नेपाली नागरिक भारत में बस चुके हैं और छह लाख भारतीयों ने नेपाल को घर बनाया
• नेपाली लोग बिना कार्य परमिट भारत में काम कर सकते हैं, खाता खोल सकते हैं, संपत्ति रख सकते हैं
• मुक्त सीमा ने दोनों देशों के बीच लोगों का निर्बाध आवागमन सुनिश्चित किया, पर्यटन में भारत खास
• नेपाल के विदेश व्यापार का दो तिहाई भारत के साथ, एफडीआई का 47 फीसदी हिस्सा भी भारत से है

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