मिशनरीज ऑफ चैरिटी प्रमुख सिस्टर निर्मला का निधन


कोलकाता के विश्वप्रसिद्ध और मदर टेरेसा द्वारा स्थापित समाज के ग़रीब और ज़रूरतमंदों की सेवा करने वाली संस्था मिशनरीज ऑफ चैरेटीज की प्रमुख रह चुकीं सिस्टर निर्मला जोशी का 23 जून को निधन हो गया। 81 साल की सिस्टर निर्मला ने 1997 में मदर टेरेसा के निधन के बाद इस समाजसेवी संस्था की प्रमुख के तौर पर कार्यभार संभाला था।

सिस्टर निर्मला ने सियालदाह के सेंट जॉन्स स्कूल में अपनी आखि‍री सांसे ली हैं। वह पिछले कुछ समय से बीमार थीं। सिस्टर निर्मला के बाद जर्मनी मूल की सिस्टर प्रेमा इस वक्त मिशनरीज की प्रमुख हैं।

सिस्टर निर्मला का जीवन
साल 1934 में झारखंड की राजधानी रांची में जन्मी सिस्टर निर्मला मार्च 1997 में मिशनरीज ऑफ चैरिटीज की प्रमुख बनी थीं। सिस्टर निर्मला के माता-पिता नेपाल से थे। उनके पिता स्वतंत्रता प्राप्ति (1947) तक ब्रिटिश सेना के अधि‍कारी थे। उनका परिवार हिंदू धर्म में विश्वास रखता था, जबकि सिस्टर निर्मला की पढ़ाई पटना के क्रिश्चन मिशनरीज में हुई।

मदर टेरेसा के काम को देखकर सिस्टर निर्मला ने खुद को भी मिशनरीज से जोड़ने का निर्णय किया और फिर रोमन कैथलिक में कनवर्ट हो गईं। सिस्टर निर्मला ने राजनीतिक विज्ञान में मास्टर्स की डिग्री ली थी। इसके अलावा वह एक वकील के तौर पर भी प्रैक्टि‍स करती थीं।

मदर टेरेसा को सिस्टर निर्मला पर योग्यता पर बेहद भरोसा था, शायद इसीलिए मदर टेरेसा ने पनामा, न्यूयॉर्क और काठमांडु में मिशनरीज़ का सेंटर खोलने के लिए सिस्टर निर्मला को चुना था। वर्ष 2009 में सिस्टर निर्मला को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। मिशनरीज ऑफ चैरिटीज में बतौर प्रमुख उनका कार्यकाल 25 मार्च, 2009 को समाप्त हो गया था।

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