भारत की पहली स्वदेशी पनडुब्बी स्कॉर्पिन लांच


रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने मुंबई के मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड में स्वदेशी तकनीक से निर्मित स्कॉर्पियन श्रेणी की पहली पनडुब्बी 'कलवारी' का 6 अप्रैल, 2015 को उद्घाटन किया। स्कॉर्पियन भारतीय नौसेना के पनडुब्बी कार्यक्रम की महत्वाकांक्षी परियोजना 75 का हिस्सा है। यह कार्यक्रम फ्रांस के सहयोग से चल रहा है। इसके तहत अगले कुछ वर्षो में नौसेना के बेड़े में इसी तरह की छह पनडुब्बियां शामिल की जाएंगी।

राडार पर नजर नहीं आने वाली इस पनडुब्बी को गोदी से बाहर निकालने के शुभ मौके पर आयोजित पूजा कार्यक्रम में पर्रिकर नौसेना प्रमुख एडमिरल आर.के. धवन, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित अन्य अधिकारियों के साथ शामिल हुए। इस पनडुब्बी के सितंबर 2016 से सेवा में शामिल किए जाने की संभावना है। मौजूदा दौर में भारतीय नौसेना के पास 14 डीजल-विद्युत से चलने वाली पनडुब्बियां हैं। इनमें 10 रूसी किलो श्रेणी की और चार जर्मन एचडीडब्ल्यू श्रेणी की पनडुब्बियां शामिल हैं।

भारतीय नौसेना के लिए छह स्कॉर्पियन श्रेणी की स्टील्थ पनडुब्बियों का निर्माण मझगांव लिमिटेड फ्रांस के एक फर्म डीसीएनएस के साथ मिलकर कर रहा है। इस परियोजना को ‘प्रोजेक्ट 75’ का नाम दिया गया है। इसमें पहले ही करीब 40 महीने की देरी हो चुकी है। इसकी पहली पनडुब्बी 2012 में नौसेना को सौंपी जानी थी, हालांकि अब इसकी तिथि बढ़ाकार सितंबर 2016 कर दी गयी है।

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