नीति आयोग की पहली बैठक संपन्न

नव गठित नीति आयोग की संचालन परिषद की नई दिल्ली में 8 फरवरी को पहली बैठक हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी अध्यक्षता की। नीति आयोग की स्थापना एक जनवरी, 2015 को योजना आयोग भंग करने के बाद की गई थी। सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके मुताबिक प्रधानमंत्री नीति आयोग के अध्यक्ष हैं।

आयोग की संचालन परिषद में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, सभी केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ और पेशेवर भी शामिल हैं। आयोग के सांगठनिक ढांचे में अध्यक्ष प्रधानमंत्री के अलावा एक उपाध्यक्ष, पूर्ण कालिक सदस्य, अंशकालिक सदस्य, पदेन सदस्य, मुख्य कार्यकारी अधिकारी और एक सचिवालय शामिल हैं।

केन्द्र सरकार ने डॉ. अरविंद पनगढ़िया को आयोग का उपाध्यक्ष और विवेक देबराय और वी.के. सारस्वत को पूर्णकालिक सदस्य बनाया है। सिंधुश्री खुल्लर को आयोग का मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाया गया है। इस बैठक का समन्वयन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने किया और शुरुआती वक्तव्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने दिया।

नीति आयोग, केंद्र और राज्यों के बीच पुल का काम करेगा। वह केंद्र की नीतियों को राज्यों में सही तरीके से लागू करवाएगा। साथ ही राज्य की इकॉनमी को बेहतर बनाने के लिए उनकी आर्थिक नीतियों में समय-समय पर बदलाव करवाने का प्रयास भी करेगा।

नीति आयोग की संचालन परिषद की पहली बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि नीति आयोग में तीन सब ग्रुप बनेंगे और राज्यों में दो टास्फ फोर्स बनाए जाएंगे।

नीति आयोग के तीन सब ग्रुप में, पहला सब-ग्रुप 66 सेंट्रल स्पॉन्सर्ड स्कीम का रिव्यू करेगा। इन स्कीमों पर करीब 3 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। यह ग्रुप सुझाव देगा कि किन स्कीम्स को जारी रखना है और कौन सी स्कीम कट डाउन की जा सकती है। साथ ही बेहतर क्रियान्वयन के लिए कौन सी स्कीम राज्यों को ट्रांसफर की जा सकती है। दूसरा सब ग्रुप ह्यूमन रिसोर्स डिवेलपमेंट पर काम करेगा।

स्किल्ड मैनपावर के डिवेलपमेंट के लिए ये सुझाव देगा। तीसरा सब ग्रुप यह देखेगा कि क्या इंस्टीट्यूशनल मेकनिजम हो सकता है जिससे क्लीन इंडिया (स्वच्छता अभियान) कैंपेन पार्ट ऑफ लाइफ बन जाए।

राज्यों में दो टास्क फोर्स बनाई जाएंगी। पहली टास्क फोर्स गरीबी उन्मूलन खत्म करने पर काम करेगी। दूसरा, एग्रो सेक्टर को विकसित करने और प्रॉडक्शन बढ़ाने पर जोर देगा। दोनों टास्क फोर्स में कितने सदस्य होंगे और इसमें राज्यों और नीति आयोग में कितने सदस्य शामिल होंगे, ये स्पष्ट नहीं हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे ‘सहकारी संघवाद’ के मॉडल का विकास करें, ताकि केंद्र और राज्य सरकारें मतभेद मिटाकर विकास व समृद्धि का एक साझा कार्यक्रम तैयार कर सकें। मोदी ने कहा कि भारत तब तक विकास नहीं कर सकता, जब तक कि उसके साथ उसके राज्य विकास न करें।

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